
Kavi Mathura Prasad Jatayu का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में दर्जनों व्यक्तियों को उनकी विशिष्टता के लिये सम्मानित किया गया और साहित्य प्रेमियों ने जटायु जी की कविताओं को सराहा व उपयोगी बताया।
हिंदी साहित्य की धरती पर जब भी लोकजीवन, समाज और संस्कृति की चर्चा होती है, तो एक नाम स्वतः स्मरण हो उठता है—Kavi Mathura Prasad Jatayu। वरिष्ठ साहित्यकार, समाजसेवी और शिक्षाविद् जटायु का जन्मोत्सव मंगलवार को रेलवे यूनियन सभागार में बड़े ही साहित्यिक गरिमा के साथ मनाया गया। कौंडिन्य साहित्य सेवा समिति व उद्गार मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम मात्र एक जन्मदिन नहीं बल्कि “साहित्य दिवस” का उत्सव बन गया।
इस अवसर पर देशभर से आए विद्वानों, कवियों और साहित्यकारों ने जटायु के साहित्यिक अवदान पर अपने विचार रखे। समारोह की भव्यता और आस्थापूर्ण वातावरण ने इसे एक ऐतिहासिक आयोजन बना दिया।
लोकतत्व के मर्मज्ञ साहित्यकार हैं Kavi Mathura Prasad Jatayu
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रख्यात स्तंभकार अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि Kavi Mathura Prasad Jatayu लोकजीवन के मर्मज्ञ साहित्यकार हैं। उन्होंने बताया कि जटायु की भाषा, छंद और शैली पर इतनी सशक्त पकड़ है कि आने वाले समय में उनके साहित्य का मूल्यांकन नई दृष्टि से होना बाकी है।
डॉ. आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप ने जटायु को “स्वयं में चलता-फिरता साहित्यिक संस्थान” बताया। प्रो. रामजी तिवारी ने उन्हें “भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक” कहा, जबकि डॉ. ए.के. सिंह ने उनके खंडकाव्य अहिल्या का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कृति ने उनकी सोच ही बदल दी।
अच्छे इंसान बनना सबसे जरूरी: Kavi Mathura Prasad Jatayu
समारोह के दौरान जब जटायु ने मंच से अपने विचार साझा किए तो सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भावुक होते हुए उन्होंने कह कि “आप चाहे शिक्षक हों, चिकित्सक हों, साहित्यकार हों या व्यवसायी – सबसे पहले अच्छे इंसान होना जरूरी है। अगर आप अच्छे इंसान नहीं हैं तो आपकी उपलब्धियां अधूरी रह जाती हैं।”
उनके इस विचार ने उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को भीतर तक छू लिया। यही मानवीय दृष्टिकोण Kavi Mathura Prasad Jatayyu को एक अद्वितीय साहित्यकार बनाता है।
साहित्य दिवस की परंपरा और कविगोष्ठी में गूंजे स्वर
समारोह के संयोजक डॉ. सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु ने बताया कि पिछले 27 वर्षों से Kavi Mathura Prasad Jatayu का जन्मोत्सव “साहित्य दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। कविगोष्ठी इस आयोजन का विशेष आकर्षण रही, जिसमें कई प्रख्यात कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर किया।
राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय गड़बड़, अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, अशोक आचार्य, राजकपूर राज, अनिल श्रीवास्तव तरस, जानिब सुल्तानपुरी, श्री नारायण लाल श्रीश, तपिश सुल्तानपुरी और खाक सुल्तानपुरी सहित अनेक कवियों ने मंच साझा किया।
विभूतियों का सम्मान और समाजसेवा का संदेश
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को सम्मानित किया गया।
- चिकित्सा क्षेत्र में डॉ. ए.के. सिंह को आचार्य सुश्रुत स्मृति सम्मान
- हिंदी संवर्धन हेतु दयाराम अटल को त्रिलोचन शास्त्री स्मृति सम्मान
- हरिनाथ शुक्ल को मान बहादुर सिंह स्मृति सम्मान
- शिक्षा क्षेत्र में डॉ. रवींद्र प्रकाश सिंह को अंबिका प्रसाद सिंह स्मृति सम्मान
- समाजसेवा में इंद्रमणि मिश्र को काशी प्रसाद पाण्डेय स्मृति सम्मान
- इसके अलावा विपिन यादव को राम चरित्र मिश्र स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। इन सभी के साथ मंच पर उपस्थित विद्वानों का भी अभिनंदन किया गया।
क्यों याद रखे जाएंगे Kavi Mathura Prasad Jatayu
आज के दौर में साहित्य और समाज की कड़ी को जोड़ने वाले साहित्यकार बहुत कम देखने को मिलते हैं। Kavi Mathura Prasad Jatayyu का कृतित्व इसी वजह से विशेष महत्व रखता है। वे न केवल कवि हैं, बल्कि एक मार्गदर्शक, संस्कारदाता और लोकजीवन के सच्चे प्रतिबिंब हैं।
उनका साहित्य एक ओर जहां जीवन-मूल्यों को उजागर करता है, वहीं दूसरी ओर नए कवियों के लिए प्रेरणा बनता है। यही कारण है कि उन्हें “जनपद का गौरव” और “भारतीय सांस्कृतिक धरोहर” की संज्ञा दी जाती है।
सुलतानपुर में मनाया गया यह “साहित्य दिवस” केवल एक जन्मोत्सव नहीं बल्कि साहित्य, समाज और संस्कृति का संगम था। Kavi Mathura Prasad Jatayu का जीवन और रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका संदेश स्पष्ट है कि “सबसे पहले इंसान बनो, फिर साहित्य और समाज में अपनी छाप छोड़ो।”
📰 निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए आपका सहयोग अपेक्षित है!
आपके द्वारा दिये गये सहयोग का 40 प्रतिशत पैसा ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम के तहत असहायों के भोजन में खर्च किया जाता है।
स्वतंत्र पत्रकारिता आपके साहस और सहयोग से ही ज़िंदा रह सकती है 🖋️
क्या आपने कभी सोचा है कि अगर निष्पक्ष पत्रकारिता की आवाज़ ख़ामोश हो गई तो सच कौन बताएगा? आज सच बोलना एक जोखिम है, सच दिखाना एक संघर्ष है… लेकिन यह संघर्ष अकेले हमारा नहीं, यह आप जैसे जागरूक नागरिकों की साझा ज़िम्मेदारी है।
🙏 आपका छोटा सा सहयोग बन सकता है सत्य की सबसे बड़ी ढाल
- जब मीडिया बिक जाती है — सत्ता हावी हो जाती है।
- जब पत्रकार डरते हैं — आम जनता की आवाज़ दब जाती है।
- जब सच रुकता है — लोकतंत्र कमजोर होता है।
स्वतंत्र पत्रकारिता कोई व्यवसाय नहीं, यह जनता की रक्षा का अंतिम किला है। और इस किले को मज़बूत करने के लिए हमें आपकी आवश्यकता है।
📢 आप दान नहीं दे रहे… आप सत्य, न्याय और लोकतंत्र की रक्षा कर रहे हैं
आपका हर योगदान:
✅ दबे-कुचले की आवाज़ बनेगा
✅ भ्रष्टाचार के खिलाफ सबूत जुटाने में मदद करेगा
✅ आम लोगों के हक़ के लिए लड़ाई को ताकत देगा
✅ उन पत्रकारों का सहारा बनेगा जो बिना किसी दबाव के सिर्फ़ सच बोलना चाहते हैं
🌟 आज ही संकल्प लें:
“मैं सत्य के इस दीप को बुझने नहीं दूंगा।” आपका सहयोग केवल राशि नहीं, विश्वास और साहस का प्रतीक होगा।
👉 जहां डर खत्म होता है, वहीं से स्वतंत्र पत्रकारिता शुरू होती है… और आपकी सहायता वह पहली रोशनी बन सकती है।
🙏 दान करें — ताकि कल जब आपके बच्चों से पूछा जाए कि “सच किसने बचाया?” तो आप गर्व से कह सकें — “मैंने।”
📞 सीधे संपर्क करें:
- फोन: +91-9808899381
- ईमेल: eradioindia@gmail.com
💳 ऑनलाइन योगदान दें:
आप हमारी मेहनत और पत्रकारिता को ऑनलाइन दान के माध्यम से भी सहयोग कर सकते हैं।

हर योगदान—चाहे छोटा हो या बड़ा—महत्वपूर्ण है।
आपका सहयोग हमारी स्वतंत्रता और निष्पक्षता को मजबूत बनाता है। ✨
आइए मिलकर पत्रकारिता को जनता की सच्ची आवाज़ बनाएं! 💪
Whatsapp your news to 09808899381
हमें यूट्यूब पर सब्सक्राइब करने के लिये यहां क्लिक करें।

ये👇समाचार भी पढ़ें
- भाजपा कार्यकर्ता के निधन पर विधायक ने दी श्रद्धांजलि
- New Modern Public School Ishapur में राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन
- मानवता की सेवा मनुष्य का दिव्य गुण: न्यायमूर्ति
- Swami Vivekanand Shikshan Sansthan में प्रेरणादायी कार्यक्रम
- अखंड रामायण पाठ श्रीराम सिंह बघेल के द्वारा संपन्न
- Dr Pradeep Dubey के काव्य संग्रह ‘जीवन उमंग’ का हुआ विमोचन, साहित्य को बताया अमरत्व का माध्यम
Send Your News to WhatsApp number 9808899381
Email: eradioindia@gmail.com, info@eradioindia.com

पूरे देश में करें विज्ञापन सिर्फ 10 हजार में एक माह के लिये-
अगर आपके व्यवसाय, कम्पनी या #प्रोडक्ट की ब्राडिंग व #प्रमोशन अनुभवी टीम की देखरेख में #वीडियो, आर्टिकल व शानदार ग्राफिक्स द्वारा किया जाये तो आपको अपने लिये ग्राहक मिलेगें साथ ही आपके ब्रांड की लोगों के बीच में चर्चा होनी शुरू हो जायेगी।
साथियों, वीडियो और #आर्टिकल के माध्यम से अपने व्यापार को Eradio India के विज्ञापन पैकेज के साथ बढ़ायें। हम आपके लिये 24X7 काम करने को तैयार हैं। सोशल मीडिया को हैंडल करना हो या फिर आपके प्रोडक्ट को कस्टमर तक पहुंचाना, यह सब काम हमारी #एक्सपर्ट_टीम आपके लिये करेगी।
इस पैकेज में आपको इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा-
- आपकी ब्रांड के प्रचार के लिए 2 वीडियो डॉक्यूमेंट्री।
- 2 सोशल मीडिया एकाउंट बनाना व मेंटेन करना।
- 8 ग्राफिक्स डिज़ाइन की शुभकामना व अन्य संदेश का विज्ञापन।
- फेसबुक विज्ञापन और Google विज्ञापन, प्रबंधन।
- नियमित प्रोफ़ाइल को मेंटेन करना।
- नि:शुल्क ब्रांड लोगो डिजाइन (यदि आवश्यक होगा तो)।
- परफेक्ट हैशटैग के साथ कंटेंट लिखना और प्रभावशाली पोस्टिंग।
- कमेंट्स व लाइक्स काे मैंनेज करना।
- www.eradioindia.com पर पब्लिश की जाने वाली न्यूज में आपका विज्ञापन नि:शुल्क दिया जायेगा।
- अभी ह्वाट्सअप करें: 09458002343
- ईमेल करें: eradioindia@gmail.com







