Report by : News Desk
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दूर दूर नगरी से आए मिलने भक्त महान
आज मिलेंगे भगवन हमको और होगा संज्ञान
सजे धजे कमरे में देखें कैद बैठे भगवान
पंडित मांगे दर्शन को मनमर्जी के दाम
सुनते सबकी हाजरी हल निकाले भगवान
दर्शन आरती चाहो तो चरण छुओ जजमान
बिना भक्त के पूजा कैसी किसके पूज्य भगवान
शर्म करो जी शर्म करो तुम पंडित भगवान
छू लोगे तो क्या मिलेगा कण-कण में भगवान
एक कण उसका तुम्मै भी है तुम भी हो भगवान
कर्म ने बनाया राम को श्री राम भगवान
कर्म बना देगा तुमको भी एक उत्तम इंसान
अपने सर पर हाथ रखो खुदको दो ये ज्ञान
सबसे बड़ा कर्म है कर्म बनाए भगवान
उसके दर पर जाके भी तुम दिल से ही पूजोगे
पूज के मिलेगी दिल में शांति फिर समरण पूजोगे
आज बनालो मन को मंदिर भगवान वही मिल जाएंगे
कर्म बनाओ इतना सुंदर भगवान खुद ही आएंगे

