
मेरठ में सुप्रीम कोर्ट में मेरठ के अवैध निर्माण की सूची दाखिल करने के मामले में लापरवाही बरतने के मामले में शासन ने मेरठ विकास प्राधिकरण के सचिव अर्पित गुप्ता को हटा दिया है। उन्हें प्रतीक्षारत किया गया है। सचिव के अचानक हटाए जाने के बाद प्राधिकरण में अफरातफरी का माहौल बताया जा रहा है। वहीं, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा मेडिकल लीव पर चले गए हैं।
बताया गया है कि मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अवैध निर्माण की सूची दाखिल की जानी थी। सूची दाखिल न होने के मामले में सचिव अर्पित गुप्ता की भूमिका को लेकर कार्रवाई की गई है।
सूची दाखिल न किए जाने के संबंध में सचिव की ओर से अपनी पोस्टिंग को करीब दो महीने का बताते हुए तर्क दिए जाने की बात सामने आई है। इसकी जानकारी शासन स्तर तक पहुंचने के बाद मामले में कार्रवाई की गई।
शासन ने अर्पित गुप्ता को मेरठ विकास प्राधिकरण के सचिव पद से हटा दिया है और उन्हें प्रतीक्षारत किया गया है। अभी उनकी जगह पर नए सचिव की तैनाती नहीं की गई है। बताया गया है कि सचिव के हटने के बाद बुधवार को प्राधिकरण में कई अधिकारी भी नदारद रहे।
मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा के मेडिकल लीव पर जाने की भी जानकारी है। सचिव के अचानक हटाए जाने और नए सचिव की तैनाती नहीं होने से प्राधिकरण में प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर हलचल बनी हुई है।











