
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को चुनाव आयोग और चुनाव अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कथित ‘वोट चोरी’ भारतीय लोगों के खिलाफ अपराध और संविधान पर सीधा हमला है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भाजपा, आरएसएस और चुनाव आयोग ने मिलकर यह काम किया है। उन्होंने इसे लेकर न्याय होने की बात कही। एक वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और चुनाव अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि समय आने पर उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
चुनाव आयोग ने रिपोर्ट पर दी सफाई
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कई बार सवाल या आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में SIR, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने तथा अन्य प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया।
चुनाव आयोग ने इस रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि आयोग के सदस्यों की ओर से मसौदा तैयार करने के दौरान सवाल, टिप्पणियां या सुझाव देना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के अनुसार, इसे औपचारिक असहमति यानी ‘डिसेंट’ नहीं माना जा सकता। आयोग ने यह भी कहा कि उसके आधिकारिक आदेश और फैसले कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी हुए हैं।
SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज
SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्षी दलों के कई नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि अलग-अलग राय और टिप्पणियां किसी भी बहुसदस्यीय संस्था में निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं और अंतिम फैसले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं।
इस पूरे विवाद का केंद्र अब SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल हैं। आरोपों और आयोग के स्पष्टीकरण के बीच संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि तथा आधिकारिक रिकॉर्ड इस बहस को समझने में महत्वपूर्ण होंगे।










