
मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के एक मामले में लापरवाही सामने आने के बाद शासन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। शासन ने एमडीए के सचिव अर्पित गुप्ता को पद से हटा दिया है। उन्हें लखनऊ से संबद्ध किया गया है।
बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले में मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से अपेक्षित स्तर पर पैरवी नहीं हो सकी। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन ने सचिव अर्पित गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की है।
सुप्रीम कोर्ट में मामले की पैरवी को लेकर सवाल
एमडीए से जुड़े न्यायिक मामलों में अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरण में प्रभावी पैरवी, जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने और अधिवक्ताओं के साथ समन्वय की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर रहती है। इसी मामले में कथित लापरवाही को लेकर शासन ने कार्रवाई की है।
लखनऊ किया गया संबद्ध
शासन के आदेश के बाद अर्पित गुप्ता को एमडीए सचिव के पद से हटाकर लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद एमडीए के प्रशासनिक हलकों में भी इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
न्यायिक मामलों की निगरानी पर जोर
एमडीए में जमीन, विकास कार्य, नक्शे और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़े कई प्रकरण विभिन्न न्यायालयों में लंबित रहते हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों में चल रहे मामलों की प्रभावी निगरानी और समय पर पैरवी को महत्वपूर्ण माना जाता है।शासन की इस कार्रवाई के बाद अब एमडीए के न्यायिक मामलों की निगरानी व्यवस्था पर भी ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।











