Report by : Santram Pandey
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प्रतापगढ़ ,राष्ट्रीय जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के करीबी रिश्तेदार स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के चुनाव में इसी पार्टी के प्रत्याशी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी को फर्जी पता दिखाकर रिवाल्वर का लाइसेंस लेने के मुकदमे में जिला एवं सत्र न्यायालय के एफटीसी द्वितीय सीनियर डिवीजन की अदालत ने सुनाए फैसले में 7 साल की सजा व 10 हज़ार रुपए जुर्माना सुनाया है और उन्हें जेल जाना पड़ गया है। एमएलसी चुनाव के पहले अदालत के फैसले से गोपाल जी के जेल जाने की स्थिति में राजा भैया खेमे को बड़ा झटका लगा है। जबकि अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के कोटे से लगातार चार बार प्रतापगढ़ से एमएलसी रहे हैं।2004 से 2009 तक गोपालजी समाजवादी पार्टी से प्रतापगढ़ सीट से सांसद रहे हैं। लाइसेंस प्रकरण को लेकर किसी फैसले की आशंका की दशा में गोपाल जी की पत्नी मधुरिमा सिंह ने भी जनसत्ता दल से एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन किया है। उनके अलावा राजा भैया के करीबी डॉ केएन ओझा ने भी नामांकन किया है। गोपाल जी के चुनाव नहीं लड़ने की स्थिति में संभवतः गोपाल जी की पत्नी मधुरिमा सिंह जनसत्ता दल से चुनाव लड़ेगी। मौजूदा उत्पन्न राजनीतिक परिदृश्य से संकेत मिल रहा है कि प्रतापगढ़ के एमएलसी के इस चुनाव में अब जनसत्ता दल, भाजपा एवं सपा के मध्य दिलचस्प त्रिकोणी संघर्ष होगा। फिलहाल 24 मार्च को नाम वापसी के बाद चुनाव की और स्थिति स्पष्ट होगी।

