आलमी मुशायरे में दुनिया भर से 500 से ज्यादा शायरों और कवियों ने की शिरकत

सरधना (मेरठ)। द पाॅयट्री वल्र्ड , थीम मेकर्स प्रोडेक्शन, मार्वल ल्यूक्स, पाॅयट्री आत्मा और पीडब्ल्यू टीवी की ओर से तारीफ नियाजी के संयोजन में पांच दिनों तक चलने वाला आलमी मुशायरा कवि सम्मेलन छठे दिन में प्रवेश कर गया। इसका आखिरी सेशन मरणोपरांत पदमश्री पाने वाले अनवर जलालपुरी के नाम रहा। मुख्य अतिथि फिल्म गीतकार संवाद लेखक एएम तुराज रहे।

 शनिवार रात नौ बजे के बाद शुरू हुए आखिरी सेशन को एक शाम शायरी के नाम उनवान दिया गया, जिसकी सदारत मलिकजादा जावेद और निजामत मननान फराज व शाकिर हुसैन इस्लाही ने की। जिसमें अपना कलाम पेश करते हुए डा. वसीम राहत ने कहा- न जाने कौन से कैदी की बद्दुआ है वसीम/ कि सबके घर हुए तब्दील कैदखानों में।।अनवर जलालपुरी के साहबजादे शहरयार जलालपुरी के कलाम को खूब सराहा गया। उनके यह शेर समाअत कीजिएगा-वो कहीं भी न मिल सका मुझको/ आसमां तक पुकार आया हूं।

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दिल की दुनिया अजीब दुनिया है/ मैं यहां पहली बार आया हूं।।एएम तुराज ने अपने कलाम से सबकी दाद हासिल करते हुए खास अंदाज की शायरी पेश की- तुम्हारे वास्ते ये गम उठाने वाला हूं/ रुको ऐ आंसुओ मैं मुसकुराने वाला हूं।इकबाल मसूदी हुनर ने अपने शेर में कहा- अपने दिल में किसी ने भी झांका नहीं/ सब भटकते रहे रोशनी के लिए।सबा अजीज का अंदोजे-बयां भी मुलाहिजा फरमाएं- मैंने फिर उसको एक तमाशा बना दिया/ कब तक तमाशे देखती सब बेबसी से मैं।डा. नासिर अमरोहवी ने अपना खयाल यूं रखा- वो चीख-चीख के अपना गला बिठा लेगा/ खमोश रहके मैं कोहराम करने वाला हूं।

खुमार देहलवी ने मां की अजमत को कुछ यूं पेश किया- गर दूध का हक अपने तलब कर लिया मां ने/ हम क्या हैं पयम्बर भी अदा कर नहीं सकते।।इनके अलावा एसएम मेहदी इमाम, शाद फरीदी, मो. अनस फैजी, आलोक यादव, शफीक आबिदी, तारा इकबाल, प्रीता, सुरेन्द्र अश्क रामपुरी आदि ने भी कलाम पेश किया।  यह सेशन रात करीब दो बजे तक चलता रहा। शनिवार शाम को आयोजक मंडल की ओर से सक्सेस सेरेमनी का आयोजन किया गया।

जिसमें प्रोग्राम के संयोजक तारीफ नियाजी ने वल्र्ड रिकार्ड बनाने का दावा किया। मुख्य अतिथि खालिद अखलाक रहे। आयोजक मंडल की ओर से प्रोग्राम में शिरकत करने वाले तमाम शायर-शायरात, कविगण और अपने अपने स्तर से सहयोग करने वाले आरिफ अहमद, रियाज सागर, अभिषेक तिवारी, खालिद नदीम बदायूंनी, जुबैर अंसारी, शाकिर हुसैन, सुरेन्द्र अश्क रामपुरी, संदीप दीपसन फरहान आलम, राजवीर सिंह राज, दानिश अयूबी, शिखा पचैली समेत तमाम लोगों का शुक्रिया अदा किया।