
मेरठ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मेरठ में चल रही बुलडोजर कार्यवाही के विरोध में रविंद्र गुर्जर के नेतृत्व में शुक्रवार से उल्देपुर में मेरठ बचाओ आंदोलन शुरू हो गया। इस दौरान एक बार फिर रविंद्र गुर्जर ने प्रशासन को ललकारते हुए चेतावनी दी कि अगर कहीं भी बुलडोजर चलाया गया तो कोई जिंदा नहीं लौटेगा।
बताते चलें कि सेंट्रल मार्केट के बाद अब एमडीए के जोन ए को निशाने पर लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 16000 से अधिक अवैध निर्माणों को सील करने के आदेश जारी किए हैं। इसी के साथ उल्देपुर में सौ से अधिक अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाने के आदेश जारी किए हैं। जिसके विरोध में जगदंबा हॉस्पिटल के मालिक रविंद्र गुर्जर के साथ कई किसान और व्यापारिक संगठनों ने शुक्रवार से उल्देपुर में मेरठ बचाओ आंदोलन का ऐलान किया था। जिसके अंतर्गत शुक्रवार से सैकड़ों लोगों ने उल्देपुर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इस दौरान भट्टी चढ़ाकर खाना बनाया गया। वहीं, धरने पर बैठे लोगों ने मामले का हल ना निकलने तक वहीं डटे रहने का ऐलान किया है। हालांकि आंदोलन के ऐलान के चलते मौके पर पहले से ही भारी मात्रा में फोर्स तैनात रही। इस दौरान जहां किसान नेता विजय राघव ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जा रही कार्रवाई को केंद्र सरकार के इशारे पर की जा रही कार्रवाई बताया। वहीं, आरोप लगाया कि कुछ कॉरपोरेट कंपनियों, बिल्डरों और नेताओं के सिंडिकेट ने साठ-गांठ करके लोकेश खुराना जैसे अपने प्यादों को आगे करके मेरठ पर कब्जे की योजना बनाई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आम आदमी को निशाना बनाने से पहले कॉरर्पोरेट कंपनियों द्वारा किए गए अवैध निर्माणों को चिन्हित किया जाए। पहले उन पर बुलडोजर चलाया जाए। इसके बाद आम आदमी अपना अवैध निर्माण खुद तोड़ लेगा। वहीं, मंच से गरजते हुए रविंद्र गुर्जर ने एक बार फिर प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर एक भी निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया तो कोई जिंदा वापस नहीं लौटेगा। बुलडोजर कार्यवाही से प्रभावित व्यापारी और आम नागरिक या तो अपनी जान दे देंगे या किसी की जान लेने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने किसी को भी उजाड़े जाने से पहले उसके पुनर्वास की मांग उठाई। बताते चलें कि रविंद्र गुर्जर लगातार पुलिस-प्रशासन को चुनौती देते हुए इससे पहले भी कई बार विवादित बयान दे चुके हैं।
