
ओडिशा। दक्षिण ओडिशा के गिडिपाबली गांव में भूस्खलन के बाद लापता हुए 10 लोगों की तलाश के लिए चलाया जा रहा बचाव अभियान रोक दिया गया है। खराब मौसम और क्षेत्र में दोबारा भूस्खलन होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया।
कंधमाल के जिलाधिकारी के अनुसार, मलबे में करीब 30 फुट नीचे शव दबे होने की आशंका है। ऐसे में बचाव कार्य जारी रखने से राहतकर्मियों की जान को भी खतरा हो सकता था। परिजनों की सहमति मिलने के बाद प्रशासन अब लापता लोगों के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है।गिडिपाबली गांव में भूस्खलन के बाद से राहत और बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे थे। लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने अभियान को लगातार चुनौतीपूर्ण बना दिया। क्षेत्र में बारिश और नए भूस्खलन की आशंका के कारण मलबे के आसपास काम करना जोखिम भरा हो गया था।प्रशासन के सामने एक ओर लापता लोगों को खोजने की जिम्मेदारी थी, तो दूसरी ओर बचाव दल की सुरक्षा सुनिगिडिपाबली गांव में भूस्खलन के बाद से राहत और बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे थे। लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने अभियान को लगातार चुनौतीपूर्ण बना दिया। क्षेत्र में बारिश और नए भूस्खलन की आशंका के कारण मलबे के आसपास काम करना जोखिम भरा हो गया था।श्चित करना भी जरूरी था। लगातार खराब मौसम और जमीन खिसकने के खतरे को देखते हुए अभियान आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया। अंततः प्रशासन ने राहत कार्य रोकने का निर्णय लिया।कंधमाल के जिलाधिकारी के मुताबिक, मलबे के नीचे करीब 30 फुट की गहराई में शव दबे होने की आशंका है। मलबे की गहराई और क्षेत्र की अस्थिर स्थिति के कारण वहां तक पहुंचना आसान नहीं है। बचाव अभियान को आगे बढ़ाने के लिए भारी मशीनों और अन्य संसाधनों की जरूरत पड़ सकती थी, लेकिन ऐसी स्थिति में आसपास की जमीन और खिसकने का खतरा बना हुआ था।जिलाधिकारी ने आशंका जताई कि मलबा हटाने या विस्फोट के जरिए रास्ता बनाने की कोशिश में बचावकर्मियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। प्रशासन के लिए यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि मलबे में अब भी 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

