खुलासाः पहले ठगी, फिर डबल मर्डर, सडने लगे शव तो डीजल डाल कर जला डाले


-हत्या करने के बाद परिजनों के पास पहुंचकर लगातार घटनाक्रम पर रख रहा था नजर
-दो दिन बदबू आने के बाद तीसरे दिन मकान से धूआं उठता देख पडोसियों ने दी पुलिस को सूचना  
-जिस किराए के मकान में रह रहा था हत्यारोपित, उसी मकान में रच दी हत्या की पूरी कहानी

मथुरा। मथुरा पुलिस ने दंपति की हत्या के सनसनी खेज मामले का दो दिन के अंदर खुलासा कर हत्या के आरोपी को दबोच लिया। घटना के खुलासे के लिए सर्विलांस, फारेंसिक, फील्ड टीम के साथ कई थानों की पुलिस को एसएसपी डा.गौरव ग्रोवर ने लगाया था। आरोपी को पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर जिले के गांव तालफारा से धर दबोचा। हाईवे किनारे की कर्मयोगी ग्राम काॅलोनी में 25 मार्च की सुबह समाने आई सनसनी खेज घटना का मथुरा पुलिस ने 27 मार्च को खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक   शातिर हत्यारे पवन पुत्र वासुदेव निवासी नगला माखन (तालफरा) थाना कुम्हेर जिला भरतपुर ने पहले मगोर्रा क्षेत्र के कस्बा सांैख के पून्ना थोक निवासी भीम सिंह पुत्र डूंगर सिंह (42 वर्ष) और उनकी पत्नी  भारती देवी (38 वर्ष) से पहले ठगी की, फिर दंपति को कर्मयोगी ग्राम के उस मकान में बुलाया जहां वह किराए पर रह रहा था। इसके बाद नशीला पदार्थ खिलाकर पति पत्नी की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद दोनों शवों को मकान के एक कमरे में छोड कर अपने गांव तालफरा चला गया। शातिर दंपति की हत्या करने के बाद मृतकों के परिजनों के पास सौंख भी पहुंचा और कर्मयोगी ग्राम की गतिविधियों पर भी नजर रखे रहा। शव सडने लगे तो मकान से दो दिन तक बदबू आती रही। इसकी सूचना आसपास के लोगों ने हत्यारोपी पवन को भी दी। इस बीच थाना मगोर्रा में 23 मार्च को दंपति के परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। जिसमें कहा गया था कि 19 मार्च से पति पत्नी दोनों गायब हैं। मकान से बदबू आने की सूचना मिलने पर शातिर हत्यारे ने दोनों शवों को ठिकाने लगाने की योजना बना डाली। डीजल खरीदा और रात के सन्नाटे में मकान में पहुंच कर डीजल डाल कर दोनों शवों को फूंक डाला। मकान से धूंआ उठता देख काॅलोनीवालों ने पुलिस को सूचना दी। कर्मयोगी ग्राम पहुंची पुलिस जब मकान के अंदर घुसी तो मौके पर मौजूद हर कोई सन्न रह गया। पुलिस ने दोनों अधजले शवों को कब्जे में ले लिया। एसएसपी डा.गौरव ग्रोवर खुद मौके पर पहुंचे और दूसरे आलाधिकारियों के साथ घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। फारेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। इसके बाद घटना के खुलासे के लिए कई टीमों का गठन करने के साथ ही फील्ड टीम को भी लगा गया। पुलिस ने 25 मार्च को सामने आई सनसनी खेज घटना का 27 मार्च की सुबह पवन को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया।    
25 लाख रूपये के लेनदेन में की दंपति की हत्या
अभियुक्त पवन पुत्र वासुदेव निवासी नगला माखन (तालफरा) थाना कुम्हेर जिला भरतपुर व मृतक भीम सिहं पुत्र डूंगर सिंह कस्बा सौख (पून्ना थोक) थाना मगोर्रा जनपद मथुरा के बीच करीब 25 लाख रूपयों का लेन देन था। मृतक भीम सिंह के पवन पर 25 लाख रूपये थे। मृतक भीम सिंह, पवन से रूपये देने के लिए दबाब बना रहा था। इसलिए पवन ने भीम सिंह को रास्ते से हटाने का प्लान बना डाला ताकि रूपये वापस न करने पड़ें।
19 मार्च को दंपति को अपने साथ ले आया था पवन
योजना के मुताबि 19 मार्च को पवन, भीम सिंह को अपने साथ कर्मयोगी ग्राम ले आया था। दोनों को 19 मार्च की रात्रि में ही खाने में नशे की दवा पानी में मिलाकर दे दी। जब दोनों बेहोश हो गये तो पहले भीम सिंह की रस्सी से गला घोटकर हत्या कर दी तथा उसके बाद भारती को तकिये से मुंह दबाकर मार डाला और चुपचाप निकलकर वहां से चला गया। पवन पर शक न हो इसलिये मृतक दंपत्ति के परिजनों के पास जाकर तलाश कराने के लिए सहानुभूति लेने लगा।
यह हुई बरामदगी
घटना में प्रयुक्त कार डीएल 2सी एएल 0236 मारूति, रस्सी आला कत्ल, मृतक भारती देवी व भीम सिंह  के वोटर कार्ड, आधार कार्ड की प्रतियां, पांच एल्प्राजोलम टेबलेट का एक पत्ता जिसमें 10 टेबलेट व खाली रैपर, दो मोबाइल पेन, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड व ड्राइविंग लाइसेन्स।
खुलासा करने वाली टीम में यह रहे शामिल


धर्मेन्द्र चैहान क्षेत्राधिकारी रिफाइनरी, गौरव त्रिपाठी क्षेत्राधिकारी गोवर्धन, निरीक्षक अनुज कुमार थाना हाईवे, एसओ मनोज कुमार शर्मा थाना मर्गोरा, एसआई सोनू सिंह सर्विलांस सेल, एसआई ऐश्वीर सिंह थाना मगोर्रा  आदि खुलासा करने वाली टीम में शामिल रहे।

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