Rohata Samudayik Swasthya Kendra: लिपिक की मनमानी जारी

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Rohata Samudayik Swasthya Kendra, CMO Meerut Akhilesh Mohan, रोहटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,
Rohata Samudayik Swasthya Kendra, CMO Meerut Akhilesh Mohan, रोहटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,
  • सात साल पहले हुए घोटाले की जांच को कर रहा प्रभावित
  • कार्यालय से अटैच होने के बाद नहीं हो रहा रिलीव
  • सरधना (मेरठ)

Rohata Samudayik Swasthya Kendra: रोहटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सात साल पहले हुए घोटाले की जांच को प्रभावित कर रहा है बाबू शिकायत मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय (CMO Meerut Akhilesh Mohan) से अटैच करने के एक माह बाद भी बाबू पद छोड़ने को तैयार नहीं है । जबकि दूसरे बाबू ने स्वास्थ्य केंद्र पर आकर ड्यूटी ज्वाइन कर ली है । इसे लेकर रिलीव होने के बाद भी बाबू की हठधर्मिता और मनमानी के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों का वेतन भी नहीं निकल पा रहा है।

गौरतलब है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहटा (Rohata Samudayik Swasthya Kendra) लगभग 7 वर्ष पहले वरिष्ठ सहायक लिपिक पद पर पूरन सिंह नाम का लिपिक तैनात था,जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. सुधीर कुमार थे। इस दौरान लगभग 35 लाख रुपए के गबन का मामला स्वास्थ्य केंद्र पर पकड़ में आया था जिसके बाद जांच में वरिष्ठ सहायक लिपिक पूर्ण सिंह को दोषी पाए जाने पर यहां से तबादला शामली कर दिया गया था। लेकिन इस मामले में अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है।

Rohata Samudayik Swasthya Kendra: लिपिक की मनमानी से सब परेशान

हीला हवाली के चलते जांच अभी भी अधर में लटकी हुई है। इसे लेकर उसके बाद से यहां वरिष्ठ सहायक लिपिक के पद पर तैनात किए गए विनोद कुमार ने हठधर्मिता और मनमानी दिखाते हुए इस घोटाले से जुड़ी तमाम फाइलों को अपने कब्जे में ले लिया और जांच कमेटी तक को कोई रिकॉर्ड मुहैया नहीं कराया। जिसे लेकर कई बार वरिष्ठ सहायक लिपिक को विभागीय अफसर ने कार्यवाही के लिए चेताया था लेकिन उसके कान पर जूं तक नहीं रेंगी,जिससे जांच पूरी तरह प्रभावित होकर रह गई है और दोषी पाए गए पूर्व वरिष्ठ लिपिक अभी तक इसका कृत्य की सजा नहीं मिल पाई है।

हालांकि इस मामले में एफआइआर दर्ज होने के बाद पूर्व में ही पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इस संबंध में वर्तमान में तैनात सहायक लिपिक विनोद कुमार पर आरोप है कि वह पूर्व में घोटाला करने वाले वरिष्ठ सहायक लिपिक से मिला हुआ है तथा उस पर कार्रवाई की तलवार रोकने के लिए घोटाले जुड़े तमाम सुबोध फाइलें अपने कब्जे में लेकर जब्त कर रखे हैं। इसे लेकर जांच लगातार प्रभावित हो रही है।

इस मामले को लेकर एक महीना पूर्व शिकायत के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी अखिलेश मोहन (CMO Meerut Akhilesh Mohan) ने वरिष्ठ सहायक लिपिक विनोद कुमार को रोहटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से हटाकर अपने कार्यालय से अटैच कर लिया था,लेकिन बावजूद इसके सीएमओ (CMO Meerut Akhilesh Mohan) के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए विनोद कुमार अभी भी स्वास्थ्य केंद्र अडा हुआ है।जबकि यहां तबादले पर दूसरे वरिष्ठ सहायक लिपिक ने चार्ज संभाल लिया है।

लेकिन प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और सीएमओ (CMO Meerut Akhilesh Mohan) के आदेश को धता बताते हुए विनोद कुमार यहां से तबादले पर जाने को कतई तैयार नहीं है। इसे लेकर इस समय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो दो लिपिक तैनात होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है,तो वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के तमाम कर्मचारियों का वेतन भी अधर में लटका हुआ है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ.अमर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वरिष्ठ लिपिक का तबादले पर जाने के बाद रिलीव कर दिया गया है तथा वेतन रोक दिया गया है और विभागीय कार्यवाही के लिए अफसरों को लिखा गया।

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