पहली क्राइम मीटिंग में एसएसपी का चाबुक, भावनपुर थानाध्यक्ष लाइन हाजिर

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  • आरोपित को हथियार समेत पकड़कर छोड़ने का आरोप
  • प्रसारित ऑडियो और विवेचना में लापरवाही बनी कार्रवाई की वजह

मेरठ। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाले प्रसारित ऑडियो और विवेचना में लापरवाही के मामले में एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। जानलेवा हमले के नामजद आरोपित को हथियार समेत पकड़ने के बाद थाने से छोड़ने के आरोपों से घिरे भावनपुर थानाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। बुधवार को हुई एसएसपी की पहली क्राइम मीटिंग में करीब 20 दिन पहले प्रसारित हुए ऑडियो का संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की गई।

गोकलपुर निवासी फैसल ने आरोप लगाया था कि जानलेवा हमले के मामले में नामजद कैफ को पुलिस ने हथियार समेत पकड़ लिया था। आरोप है कि इसके बावजूद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने के बजाय थाने से छोड़ दिया गया। फैसल ने पुलिस की कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष से हुई बातचीत का ऑडियो भी प्रसारित किया था।

पीड़ित का दावा था कि ऑडियो में थानाध्यक्ष ने कैफ के पकड़े जाने की बात स्वीकार की है। ऑडियो सामने आने के बाद मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा और पूरे प्रकरण की जांच शुरू हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना में भी कुछ कमियां सामने आईं।

वहीं, पीड़ित पक्ष ने 14 जुलाई 2026 की घटना को लेकर एक अलग गंभीर आरोप भी लगाया है। आरोप है कि 15 जुलाई को मोहित जाटव, फैजल और वंश के खिलाफ मारपीट एवं रंगदारी का फर्जी मुकदमा खनन माफिया से कथित सांठगांठ के आधार पर दर्ज कराया गया। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि धारा 41 के नोटिस पर हस्ताक्षर करने के बावजूद उन्हें थाने की हवालात में बंद किया गया।

इन आरोपों और प्रसारित ऑडियो के साथ विवेचना में सामने आई कमियों को पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आधार बताया है। एसएसपी ने भावनपुर थानाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की जांच आगे भी जारी रहेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।