
मायावती ने यूपी सरकार की पैरवी पर उठाए सवाल
चार कॉलेजों में अतिरिक्त आरक्षण पर हाईकोर्ट की रोक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए लागू अतिरिक्त आरक्षण व्यवस्था पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। मामला सहारनपुर, अंबेडकरनगर, कन्नौज और जालौन के मेडिकल कॉलेजों से जुड़ा है। कोर्ट के आदेश के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने प्रदेश सरकार की पैरवी पर सवाल उठाए हैं।
मायावती ने सरकार से अपील की
मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राज्य सरकार को कोर्ट के सामने यह पक्ष मजबूती से रखना चाहिए था कि इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना विशेष घटक योजना (एससीएसपी) के तहत हुई है। उनके अनुसार, इसी योजना के तहत इन कॉलेजों में अनुसूचित जाति के लिए अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था की गई थी।
मेडिकल कॉलेजों की सीटों पर विवाद
इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, चारों मेडिकल कॉलेजों में 100-100 एमबीबीएस सीटों के लिए ऐसी सीट मैट्रिक्स लागू थी, जिसमें एससी, एसटी और ओबीसी समेत आरक्षित सीटों का अनुपात सामान्य व्यवस्था से काफी अधिक था। मामले में याचिकाकर्ता ने इस व्यवस्था को 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा के विपरीत बताया था।
एससी के लिए 64 सीटों की व्यवस्था
कोर्ट के रिकॉर्ड में दर्ज सरकारी आदेशों के अनुसार, इन कॉलेजों में 100 सीटों में 64 सीटें एससी, छह एसटी, 15 ओबीसी और 15 सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित की गई थीं। सरकार ने बताया था कि कॉलेजों की स्थापना और संचालन में विशेष घटक योजना से धनराशि का इस्तेमाल किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट जाने की मांग
मायावती ने कहा कि हाईकोर्ट की रोक से मेडिकल दाखिले प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से बिना देरी सुप्रीम कोर्ट में अपील कर राहत लेने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को इस व्यवस्था के उद्देश्य और विशेष घटक योजना के तहत किए गए प्रावधानों को अदालत के सामने मजबूती से रखना चाहिए था।












