प्रेम तो बुद्ध और कृष्ण जैसे लोगों के जीवन में होता है
ओशो प्रेमी को मनुष्य हमेशा से पागल कहता रहा है और प्रेम को सदा से अंधा कहता रहा है ठीक होगा कि प्रेम की जगह हम मोह का उपयोग करें ठीक शब्द मोह है मोह अंधा है, ब्लाइंड है प्रेम…
ओशो प्रेमी को मनुष्य हमेशा से पागल कहता रहा है और प्रेम को सदा से अंधा कहता रहा है ठीक होगा कि प्रेम की जगह हम मोह का उपयोग करें ठीक शब्द मोह है मोह अंधा है, ब्लाइंड है प्रेम…