इश्क़ जैसा था तो, लेकिन था नही
इश्क़ जैसा था तो लेकिन था नही।इसलिए वो रूह में उतरा नही। खुद को दरिया कह रहा था प्यार का।जो हमारी प्यास तक पंहुचा नही। आपको मिलते भला हम किस तरह,हमसे हमको आपने मांगा नही इक़ कयामत इस पे टूटी…
इश्क़ जैसा था तो लेकिन था नही।इसलिए वो रूह में उतरा नही। खुद को दरिया कह रहा था प्यार का।जो हमारी प्यास तक पंहुचा नही। आपको मिलते भला हम किस तरह,हमसे हमको आपने मांगा नही इक़ कयामत इस पे टूटी…