रूस में संसदीय चुनाव का आज आखिरी दिन

रूस में 17 सितंबर से शुरू हुए संसदीय चुनाव का आज आखिरी दिन है। वैसे तो राष्ट्रपति पुतिन के सत्ता में आने के बाद रूस में चुनाव नाममात्र के ही रह गए हैं, क्योंकि देश के राजनैतिक समीकरणों पर उनका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। रूस में मतदान आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से होता है।

लेकिन आज बात रूस के चुनाव के आखिरी दिन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में मौजूद दो अतंरिक्ष यात्रियों ने भी वोट डाला। उन्होंने अंतरिक्ष से ही अपने पसंद के उम्मीदवार को वोट देकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अंतरिक्ष में मौजूद रूस के ओलेग नोवित्स्की और प्योत्र दुबोव ने ऑनलाइन वोटिंग के जरिये ऐसा किया। जिसके बारे में अंतरिक्ष एजेंसी Roscosmos की तरफ से ob

क्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार भी परिणाम चौंकाने वाले नहीं होंगे, राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन की यूनाइटेड रशिया पार्टी ही जीतेगी। बावजूद इसके उनका दल चुनाव में हर तरह की धांधली करने में पीछे नहीं है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, यहां चुनाव में 225 उम्मीदवारों में 24 नाम एक जैसे हैं. मतदाताओं को बरगलाने के लिए बोरिस विश्नेवस्की के नाम से उतारे गए।

कहा जा रहा है कि विपक्षी नेता को हराने के लिए यह सत्तारूढ़ दल द्वारा जानबूझकर एक जैसे तीन नाम वाले उम्मीदवारों को उतारा गया है।रूस के दूसरे सबसे बड़े राजनीतिक दल, कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख ने नयी राष्ट्रीय संसद के चुनाव में व्यापक उल्लंघनों का आरोप लगाया है। उनकी पार्टी को इस चुनाव में अच्छी संख्या में सीटें जीतने की उम्मीद है।

बीती रात यूट्यूब पर एक वीडियो प्रसारित हुआ, जिसमें जेल में बंद विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी ने यह बताया कि यूनाइटेड रशिया पार्टी के प्रभुत्व को कम करने के लिये किसे वोट देना चाहिये। इस वीडियो के रूस में प्रसारण पर पांबदी रही लेकिन यह गैर-रूसी सर्वरों पर देखी जा सकती है।

कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख गैनेडी ज्यूगानोव ने तीन दिन तक चलने वाले मतदान के दूसरे दिन शनिवार को कहा कि पुलिस और राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग को विभिन्न क्षेत्रों में मतदान में गड़बड़ी समेत कई गंभीर तथ्यों को लेकर आ रही खबरों पर ध्यान देना चाहिये।

रूस में संसदीय चुनावों के लिए मतदान से पहले शुक्रवार को ऐप्पल और गूगल प्ले स्टोर्स से एक ऐप गायब हो गया जिसे जेल में बंद रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी के सहयोगियों ने बनाया था। नवलनी ने ‘स्मार्ट वोटिंग’ नाम का ऐप डिजाइन किया था जिससे उन उम्मीदवारों का प्रचार किया जा सके जिनके क्रेमलिन के समर्थन वाले प्रत्याशियों को हराने की संभावना है। रूस के अधिकारी इस ऐप के प्रयोग को हतोत्साहित कर रहे हैं।

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