
ग्राहकों ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल जांच के बाद ही साफ होगी हकीकत
सरधना। कालंद रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप पर मंगलवार शाम पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब कुछ ग्राहकों ने पेट्रोल में पानी मिलाए जाने की आशंका जताते हुए विरोध शुरू कर दिया। ग्राहकों ने पेट्रोल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पंप कर्मचारियों से जवाब मांगा। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान ग्राहकों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। बताया गया कि मंगलवार शाम कुछ ग्राहक अपने वाहनों में पेट्रोल भरवाने के लिए कालंद रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे। पेट्रोल लेने के बाद कुछ ग्राहकों ने उसकी गुणवत्ता को लेकर संदेह जताया। ग्राहकों का कहना था कि पेट्रोल में पानी होने की आशंका है। इसके बाद उन्होंने पेट्रोल पंप पर विरोध जताते हुए कर्मचारियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। मामला बढ़ने पर पंप परिसर में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। ग्राहकों ने आरोप लगाया कि यदि ईंधन में पानी या किसी अन्य पदार्थ की मिलावट पाई जाती है तो इससे वाहनों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने संबंधित विभाग से मामले की जांच कराने और पेट्रोल के नमूने की गुणवत्ता जांच कराने की मांग की। वीडियो वायरल होने से बढ़ी चर्चा
हंगामे के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर दिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों के बीच चर्चाएं तेज हो गईं। कई लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की। हालांकि, पेट्रोल में वास्तव में पानी अथवा किसी अन्य पदार्थ की मिलावट थी या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। इसकी वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ईंधन की गुणवत्ता की जांच संबंधित विभाग द्वारा नमूना लेकर निर्धारित मानकों के अनुसार की जा सकती है। ग्राहकों ने मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर पेट्रोल का नमूना जांच के लिए भेजे, ताकि आशंका की वास्तविकता सामने आ सके और यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई हो। समाचार लिखे जाने तक पेट्रोल पंप प्रबंधन की ओर से पूरे मामले को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया था। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ग्राहकों की आशंका सही थी या पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर किसी अन्य कारण से भ्रम की स्थिति बनी।







