March के अंत में Closing को लेकर नहीं इन बातों से हाे उठेंगे परेशान, जरूर पढ़ें

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News Update Today
  • संवाददाता || ई-रेडियो इंडिया

देश में 31 मार्च को वित्त वर्ष का अंत होता है. अक्सर देखा जाता है कि इस दौरान लोग क्लोजिंग को लेकर थो़ेड़े से परेशान रहते हैं. इसका मुख्य कारण है कि वित्त वर्ष के आखिर में कई तरह के फाइनेंशियल डेडलाइन (Financial deadline) होते हैं. बता दें कि इस बार 31 मार्च, 2021 और भी ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाला है. इसके पीछे का कारण है कि कोरोना संकट की वजह से पिछले साल केंद्र सरकार ने विभिन्न स्कीम और कई तरह के नियमों के अनुपालन की समयसीमा को 31 मार्च 2021 तक के लिए बढ़ा दिया था. इनमें पैन को आधार कार्ड से लिंक कराना, इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना और टैक्स में छूट प्राप्त करने के लिए निवेश से जुड़ी समय सीमा शामिल हैं।

PAN से Aadhaar को लिंक करना

पेन कार्ड (PAN Card) को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए लगातार सरकार द्वारा बढ़ाए जाने के बाद अंतिम तारिख 31 मार्च तय की गयी है. बता दें कि इस काम के लिए सरकार ने कई बार समयसीमा को आगे बढ़ाया था. इसे आखिरी बार 30 जून, 2020 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2021 कर दिया गया था. अगर आप इस तय सीमा पर भी यदि आप PAN Card को Aadhaar Card से लिंक नहीं करते हैं तो आपका पैन नंबर को निष्क्रिय कर दिया जाएगा.इसके रद्द् होने से आप बड़ी राशि का लेनदेन नहीं कर सकेंगे।

वित्त वर्ष 2019-20 का संशोधित ITR भरने की

कोरोना काल में सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 का संशोधित या विलंबित इनकम टैक्स (income tax return) रिटर्न भरने की भी अंतिम तारिख 31 मार्च 2021 तय की गयी है. यदि आप इस तय तिथि तक भी रिटर्न नहीं भर पाते हैं तो इसके बाद इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने पर आपको 10,000 रुपये तक का फाइन देना पढ़ सकता है.यदि अगर आपकी आय 5 लाख रुपये या इससे कम है तो आपको 1,000 रुपये का ही शुल्क देना पड़ेगा।

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए निवेश

यदि आप पुरानी टैक्स व्यवस्था से ही रिर्टन भर रहे हैं तो 31 मार्च, 2021 तक टैक्स सेविंग इंस्ट्रुमेंट (Saving instrument) में निवेश या खर्च को पूरा कर लेना आवश्यक है. यदि आप अपने घोषणा के हिसाब से निवेश नहीं करते हैं तो वित्त वर्ष के लिए अपनी आयकर देनदारी में कमी नहीं ला पाएंगे।

टैक्स का फायदा लेने के लिए बिल भरना अनिवार्य

एलटीसी कैश वाउचर स्की॔म (voucher scheme) में टैक्स का लाभ लेने के लिए सही फॉर्मेट में 31 मार्च, 2021 तक बिल को जमा कराना अनिवार्य होता है. बता दें कि इसमें जीएसटी की राशि और नंबर का होना जरूरी होता है. केंद्र सरकार ने अक्टूबर, 2020 में इस स्कीम की घोषणा की थी।