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घुसपैठ पर सख्ती: सुरक्षा, विकास और जनभागीदारी पर सरकार का फोकस
बिहार

Amit Shah का बड़ा बयान: घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सरकार का दृढ़ संकल्प

अररिया में सीमा चौकियों का उद्घाटन, नेपाल बॉर्डर पर सड़क परियोजनाओं और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर जोर

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश को घुसपैठियों से मुक्त कराना केंद्र सरकार का दृढ़ संकल्प है, न कि कोई चुनावी वादा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक-एक घुसपैठिए की पहचान कर उन्हें भारत से बाहर किया जाएगा और इस दिशा में जल्द ठोस कार्रवाई शुरू होगी।

बिहार के अररिया में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने बॉर्डर आउट पोस्ट ‘लेटी’ और ‘इंदरवा’ का उद्घाटन किया। साथ ही सशस्त्र सीमा बल (SSB) से जुड़े कई कार्यों का ई-लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत 556 किलोमीटर लंबी सड़क को मंजूरी दी गई है, जिसमें अधिकांश हिस्सों का काम पूरा हो चुका है और बाकी पर तेजी से कार्य जारी है।

गृह मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से सीमा पर निगरानी क्षमता मजबूत होगी, साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने सशस्त्र सीमा बल के जवानों की सराहना करते हुए कहा कि मित्र देशों की सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।

अमित शाह ने सीमांत गांवों के साथ बेहतर संवाद और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की भागीदारी से ही समय पर सटीक जानकारी मिल सकती है और घुसपैठ की कोशिशों को रोका जा सकता है।

उन्होंने यह भी ऐलान किया कि सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। साथ ही पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में जनसांख्यिकीय बदलाव से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान शुरू किया जाएगा, खासकर सीमांचल में।

गृह मंत्री ने घुसपैठ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि इससे न सिर्फ सुरक्षा बल्कि गरीबों के राशन और युवाओं के रोजगार पर भी असर पड़ता है। उन्होंने सीमांचल की जनता से इस अभियान में सहयोग की अपील की।