नई दिल्ली।
Narendra Modi ने Bharatiya Janata Party के 47वें स्थापना दिवस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ को पार्टी का अगला बड़ा लक्ष्य बताया।
प्रधानमंत्री ने स्थापना दिवस को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता पार्टी को अपनी “मां” मानते हैं और यह दिन उन्हें राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को दोहराने का मौका देता है।
कार्यकर्ताओं के योगदान को सराहा
पीएम मोदी ने कहा कि पार्टी आज जिस मुकाम पर है, उसके पीछे लाखों कार्यकर्ताओं का तप, त्याग और समर्पण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भाजपा की सबसे बड़ी ताकत बताया और संगठन को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को अहम बताया।
‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने देश की राजनीति में ‘राष्ट्र प्रथम’ की सोच को मजबूत किया है। नीयत, नीति और निष्ठा के आधार पर पार्टी ने अपनी अलग पहचान बनाई है और सेवा आधारित राजनीति को आगे बढ़ाया है।
1984 के दौर का किया जिक्र
अपने संबोधन में उन्होंने 1984 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय एकतरफा सत्ता थी, लेकिन धीरे-धीरे जनता का भरोसा भाजपा की ओर बढ़ा। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में दो विचारधाराएं स्पष्ट हुईं—सत्ता केंद्रित और सेवा केंद्रित राजनीति।
सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
पीएम मोदी ने केंद्र सरकार के फैसलों का जिक्र करते हुए तीन तलाक पर रोक, नागरिकता संशोधन कानून (CAA), अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, नए संसद भवन का निर्माण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10% आरक्षण जैसी उपलब्धियों को गिनाया।
नए मिशन और तकनीक पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब पार्टी यूनिफॉर्म सिविल कोड और ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ जैसे बड़े सुधारों की दिशा में आगे बढ़ेगी। साथ ही उन्होंने बदलती तकनीक के दौर में खुद को अपडेट रखने और नए लक्ष्यों पर काम करने की जरूरत पर जोर दिया।
‘विकसित भारत’ का लक्ष्य
उन्होंने अपने संबोधन के अंत में ‘विकसित भारत’ और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को दोहराया और भरोसा जताया कि कार्यकर्ताओं के सहयोग से यह लक्ष्य हासिल किया जाएगा।








