
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के मांगल्य प्रेक्षागृह में भव्य रूप से आयोजित किया गया, जिसमें 2500 से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह के मुख्य अतिथि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत रहे, जबकि नाइजीरिया के केब्बी प्रांत के उपराज्यपाल सीनेटर उमर अबुबकर तफीदान कब्बी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत परंपरानुसार दीप प्रज्ज्वलन एवं कुम्भ जलाभिषेक के साथ हुई। मुख्य अतिथि द्वारा विश्वविद्यालय परिसर स्थित आईएनए शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा उन्हें सम्मान गारद दिया गया। इसके साथ ही अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए स्टार्टअप, राष्ट्रबोध, पर्यावरण और वैलनेस से जुड़े स्टॉलों का अवलोकन भी किया।


अपने संबोधन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं बल्कि जीवन में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत का संकेत है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण के लिए करें और सदाचार, सत्य एवं संस्कारों के मार्ग पर चलते हुए जीवन में आगे बढ़ें। उन्होंने माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान पर विशेष बल देते हुए कहा कि इन्हीं के त्याग और मार्गदर्शन से विद्यार्थी सफलता प्राप्त करते हैं।
विशिष्ट अतिथि सीनेटर उमर अबुबकर तफीदान कब्बी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राप्त ज्ञान को केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में उसका उपयोग करें। उन्होंने वैश्विक परिदृश्य में नवाचार और तकनीक की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए युवाओं को आगे आने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष कुल 2481 उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 115 पीएचडी शामिल हैं। साथ ही 45 स्नातक विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 23 स्नातकोत्तर टॉपर्स को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। सर्वश्रेष्ठ छात्र के रूप में डॉ. ईबेन एस जॉन तथा छात्रा के रूप में आस्था गुप्ता को चांसलर मेडल से सम्मानित किया गया।
कुलाधिपति डॉ. स्तुति कक्कड़ ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, सेवा, संस्कार और राष्ट्रीयता के मूल्यों पर निरंतर अग्रसर है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा सभी विद्यार्थियों की उपाधियां डिजीलॉकर में अपलोड कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सीमा शर्मा एवं डॉ. अभिनव शर्मा ने किया, जबकि प्रति कुलपति डॉ. मुनीश सी रेड्डी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
दीक्षांत समारोह में देश-विदेश से आए अनेक गणमान्य अतिथि, शिक्षक, शोधार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस गौरवपूर्ण क्षण का साक्षी बनकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।








