
PANKH Kala Pradarshani ने नई दिल्ली के कला जगत में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए समकालीन महिला कला को एक नई पहचान दी है। बहुप्रतीक्षित समूह कला प्रदर्शनी “PANKH – Where Feminine Vision Meets Boundless Skies” का भव्य उद्घाटन 19 जुलाई 2026 को विजुअल आर्ट्स गैलरी, इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में हुआ। उद्घाटन के साथ ही प्रदर्शनी को कला प्रेमियों, कलेक्टरों, युवा कलाकारों और कला जगत से जुड़े विशेषज्ञों का उत्साहपूर्ण समर्थन मिला। प्रदर्शनी के पहले ही दिन चार कलाकृतियों की बिक्री इस बात का प्रमाण बन गई कि समकालीन महिला कलाकारों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को दर्शकों और संग्रहकर्ताओं ने खुले दिल से स्वीकार किया है।
यह प्रदर्शनी केवल चित्रों का संग्रह नहीं, बल्कि महिलाओं की रचनात्मक दृष्टि, संवेदनशीलता, पहचान और आधुनिक सोच का जीवंत उत्सव है। “PANKH – Where Feminine Vision Meets Boundless Skies” शीर्षक अपने आप में उस विचार को प्रस्तुत करता है जिसमें महिला कलाकार अपनी कल्पनाओं, अनुभवों और भावनाओं को सीमाओं से परे ले जाकर कला के माध्यम से अभिव्यक्त करती हैं। यही कारण है कि उद्घाटन दिवस से ही यह प्रदर्शनी कला जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन नवप्रीत कौर, वनीता कपूर और तरुणा शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर कई वरिष्ठ कलाकार, कला समीक्षक, कलेक्टर, सांस्कृतिक जगत की हस्तियां और बड़ी संख्या में कला प्रेमी मौजूद रहे। सभी ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित कलाकृतियों की विविधता, तकनीकी उत्कृष्टता और विषयों की गहराई की सराहना की।
PANKH Kala Pradarshani में 13 महिला कलाकारों ने अपनी अनूठी कला से दर्शकों को किया प्रभावित
इस विशेष प्रदर्शनी की सबसे बड़ी विशेषता इसमें शामिल 13 प्रतिष्ठित महिला कलाकार हैं, जिन्होंने अपनी अलग-अलग शैली और दृष्टिकोण के माध्यम से कला को नए आयाम दिए हैं। प्रदर्शनी में अर्चना झा, दीपशिखा बिशोई, मोनिका सिंह, मौसमी भट्टाचार्य, प्रीति गुप्ता, पूजा कुमार, रेणु उमराव, ऋतु मंचंदा, ऋतु गोयल, ऋतु सक्सेना, श्वेता शुक्ला, सरोजिनी दत्ता और डॉ. सुषमा जैन की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं।
इन सभी कलाकारों की कला शैली एक-दूसरे से अलग होते हुए भी एक साझा भाव प्रस्तुत करती है—नारी की संवेदनशीलता, आत्मविश्वास, स्वतंत्र सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति। कहीं रंगों के माध्यम से भावनाओं का विस्तार दिखाई देता है तो कहीं आधुनिक जीवन, सामाजिक परिवर्तन और व्यक्तिगत अनुभवों की गहराई कैनवास पर जीवंत होती नजर आती है।
प्रदर्शनी में शामिल प्रत्येक कलाकृति अपनी अलग कहानी कहती है। यही विविधता इस प्रदर्शनी को अन्य समूह कला प्रदर्शनियों से अलग बनाती है। कला प्रेमियों को यहां पारंपरिक और समकालीन कला के सुंदर संतुलन का अनुभव भी प्राप्त हो रहा है।
PANKH Kala Pradarshani के पहले ही दिन चार कलाकृतियों की बिक्री ने बढ़ाया कलाकारों का उत्साह
किसी भी कला प्रदर्शनी की सफलता केवल दर्शकों की संख्या से नहीं, बल्कि कला संग्रहकर्ताओं की रुचि और उनकी प्रतिक्रिया से भी आंकी जाती है। इस दृष्टि से देखें तो PANKH Kala Pradarshani ने उद्घाटन दिवस पर ही उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
प्रदर्शनी के पहले दिन चार कलाकृतियों की बिक्री हुई, जिसने कलाकारों के उत्साह को नई ऊर्जा दी। कला संग्रहकर्ताओं द्वारा विभिन्न कलाकारों की कृतियों में दिखाई गई रुचि इस बात का संकेत है कि समकालीन भारतीय महिला कलाकारों की कला को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार स्वीकार्यता मिल रही है।
कला विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं, बल्कि कला बाजार को भी नई दिशा प्रदान करते हैं। इससे युवा कलाकारों को प्रेरणा मिलती है और कला संग्रहकर्ताओं को नई प्रतिभाओं से परिचित होने का अवसर मिलता है।
प्रदर्शनी में पहुंचे अनेक आगंतुकों ने कलाकारों से सीधे संवाद भी किया और उनकी कला यात्रा, प्रेरणाओं तथा रचनात्मक प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस तरह यह आयोजन केवल प्रदर्शनी तक सीमित न रहकर कला संवाद का भी महत्वपूर्ण मंच बन गया।
PANKH Kala Pradarshani को वरिष्ठ फोटोग्राफर नीरज शर्मा के विजन ने दिया नया आयाम
इस प्रदर्शनी की प्रस्तुति वरिष्ठ फोटोग्राफर एवं स्पीकिंग आर्ट फाउंडेशन के निदेशक नीरज शर्मा द्वारा अत्यंत पेशेवर ढंग से की गई है। प्रदर्शनी के संपूर्ण क्यूरेशन और प्रस्तुति में उनके अनुभव और कलात्मक दृष्टिकोण की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
नीरज शर्मा का उद्देश्य केवल चित्रों को प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक कलाकार की रचनात्मक यात्रा और उसके भावनात्मक संसार को दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना रहा। इसी सोच के कारण प्रदर्शनी का वातावरण आकर्षक, संतुलित और दर्शकों के लिए सहज अनुभव प्रदान करने वाला बना है।
कला जगत से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सफल प्रदर्शनी में कलाकारों के साथ-साथ क्यूरेशन और प्रस्तुति की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। PANKH प्रदर्शनी में यह संतुलन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जहां प्रत्येक कलाकृति को उसकी विषयवस्तु और सौंदर्य के अनुरूप स्थान दिया गया है।
यह प्रदर्शनी 19 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक विजुअल आर्ट्स गैलरी, इंडिया हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली में आम जनता के लिए खुली रहेगी। आयोजकों ने कला प्रेमियों, कलेक्टरों, छात्रों, शोधार्थियों और आम नागरिकों से इस प्रदर्शनी का अवलोकन करने का आग्रह किया है।
समकालीन भारतीय महिला कलाकारों की रचनात्मक ऊर्जा, विचारों की विविधता और कलात्मक उत्कृष्टता का यह आयोजन न केवल कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि भारतीय कला जगत में महिला कलाकारों की भूमिका लगातार मजबूत और प्रभावशाली होती जा रही है। “PANKH – Where Feminine Vision Meets Boundless Skies” अपने नाम की तरह ही महिलाओं की असीम कल्पनाशक्ति, सृजनशीलता और उड़ान का ऐसा उत्सव बनकर उभरा है, जो आने वाले दिनों में भी कला जगत में लंबे समय तक याद किया जाएगा।







