
दादी के पीछे सड़क पर आया था प्रिंस
परिजनों ने किया थाने पर किया हंगामा
मेरठ। परीक्षितगढ़ क्षेत्र में भावना इंटरनेशनल स्कूल की बस की चपेट में आने से तीन वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन बच्चे का शव लेकर थाने पहुंच गए। करीब दो घंटे तक पुलिस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए गुस्साए परिजनों ने थाने के सामने शव रखकर जाम लगा दिया।
गांव आलमगीरपुर बढ़ला निवासी पिंस का तीन वर्षीय पुत्र नवनीत अपनी दादी उर्मिला के पीछे आया था। इसी दौरान वह स्कूल बस की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि नवनीत की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतक की पांच वर्षीय बहन जसमीत कौर भावना इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती है। हादसे के बाद परिजन नवनीत का शव लेकर परीक्षितगढ़ थाने पहुंच गए। उन्होंने बस चालक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद भी करीब दो घंटे तक पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि कार्रवाई में देरी से उनका आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने शव को थाने के सामने रखकर विरोध शुरू कर दिया और सड़क पर जाम लगा दिया। थाने के सामने जाम लगने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यातायात व्यवस्था बिगड़ने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और हादसे में शामिल स्कूल बस को पकड़कर थाने में खड़ा कराया। परिजनों ने पुलिस पर स्कूल मालिक को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस मामले को संभालने में जुटी हुई है। खबर लिखे जाने तक आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।







