
- संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने समयबद्ध निर्माण की मांग उठाई
- लापरवाह ठेकेदारों पर कार्रवाई की भी मांग
अधूरे कार्यों से धूल, गड्ढों और जलभराव की समस्या
मेरठ। सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत मेरठ महानगर में चल रहे सड़क निर्माण और विकास कार्यों में देरी को लेकर संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने निर्माण कार्यों में हो रही देरी और अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग की।
कॉकरोच जनता पार्टी के आदेश प्रधान एडवोकेट, समाजवादी पार्टी के नेता शशिकांत गौतम, अनुज भड़ाना, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष राहुल वर्मा, आकाश भड़ाना, शुभम उपाध्याय एडवोकेट, नरेश भास्कर किनापुर, महबूब शोलाना और भारतीय किसान यूनियन के अंकित सहित अन्य लोग प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
आदेश प्रधान एडवोकेट ने कहा कि सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर के विभिन्न मार्गों पर लंबे समय से निर्माण कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए होते हैं, लेकिन लंबे समय तक सड़कें निर्माणाधीन रहने से आम नागरिकों, व्यापारियों, वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण कार्यों के चलते शहर में धूल की समस्या भी बढ़ गई है।
अनुज भड़ाना और शशिकांत गौतम ने कहा कि कई स्थानों पर सड़क निर्माण अधूरा होने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। निर्माणाधीन मार्गों पर धूल-मिट्टी, गड्ढे, जलभराव और अव्यवस्थित आवागमन की समस्या बनी हुई है। इससे लोगों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राहुल वर्मा और शुभम उपाध्याय ने कहा कि जिन ठेकेदारों और निर्माण फर्मों को निर्धारित समय में कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करना चाहिए। अनावश्यक देरी होने पर संबंधित ठेकेदार और निर्माण फर्म की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि सीएम ग्रिड योजना के तहत महानगर में चल रहे सभी निर्माण कार्यों की स्थलवार समीक्षा कराई जाए। प्रत्येक कार्य की निर्धारित समय-सीमा और वर्तमान प्रगति की जानकारी सार्वजनिक करने के साथ निर्धारित अवधि के बावजूद अधूरे पड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराने और निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित करने की भी मांग की। कार्य में लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों और निर्माण फर्मों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मेरठ की जनता विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है, लेकिन करोड़ों रुपये की योजनाओं का लाभ तभी जनता तक पहुंचेगा, जब निर्माण कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जाएं। साथ ही निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त से निर्माणाधीन सड़कों का नियमित निरीक्षण कराने, कार्यों की प्रगति की निगरानी करने और जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए अधूरे कार्य जल्द पूरे कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी और अव्यवस्थाओं पर जल्द रोक नहीं लगाई गई तो इस जनहित के मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।







