
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को सार्वजनिक मंच पर आमने-सामने बहस करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी पसंद का मंच और स्थान तय कर सकते हैं।
राहुल ने बहस में मीडिया और युवाओं की मौजूदगी का प्रस्ताव भी रखा। दूसरी ओर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार संसद में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए अपनी चुनौती दोहराई। उन्होंने कहा, “24 घंटे हो गए, मैंने आपको चैलेंज दिया है।” राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से कहा कि वह बहस के लिए अपनी पसंद की जगह चुन सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी मंच पर प्रधानमंत्री के साथ आमने-सामने चर्चा करने के लिए तैयार हैं।राहुल गांधी की यह चुनौती ऐसे समय आई है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दल सरकार और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी ने सार्वजनिक बहस के जरिए इन मुद्दों पर सीधे सवाल-जवाब करने की मांग की है।राहुल गांधी ने बहस का स्वरूप बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष एक ही मंच पर आमने-सामने बैठें। उन्होंने कहा, “दोनों मिलेंगे, मीडिया होगी, देश के युवा होंगे, टेबल होगी। एक साइड आप बैठोगे, एक साइड मैं बैठूंगा।”उन्होंने आगे कहा कि बहस में निर्णायक की भूमिका किसे दी जाए, इसका फैसला भी प्रधानमंत्री कर सकते हैं। राहुल गांधी के मुताबिक, प्रधानमंत्री अपनी पसंद का व्यक्ति जज के रूप में चुन सकते हैं। इस तरह उन्होंने बहस की जगह, मंच और निर्णायक के चयन का अधिकार भी प्रधानमंत्री को देने की बात कही।राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री पर विपक्ष को देशद्रोही बताने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष पर इस तरह के आरोप लगाए जाते हैं तो इस विषय पर सार्वजनिक रूप से चर्चा होनी चाहिए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रधानमंत्री के उस विशेष बयान या अवसर का संदर्भ नहीं दिया गया है, जिसके आधार पर राहुल गांधी ने यह आरोप लगाया। इसलिए इसे नेता प्रतिपक्ष का राजनीतिक आरोप माना जाना चाहिए।राहुल गांधी ने अपनी चुनौती के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार और विपक्ष के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक तथा संवैधानिक मुद्दों पर खुली चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने बहस को मीडिया और युवाओं की मौजूदगी में कराने की बात कही, ताकि देश के सामने दोनों पक्षों के विचार रखे जा सकें।राहुल गांधी की चुनौती के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार संसद में SIR के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।अमित शाह ने सरकार की ओर से संसद में चर्चा की तैयारी जताई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चर्चा की तारीख, समय और प्रक्रिया का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। संसद में किसी विषय पर चर्चा का कार्यक्रम और उसका स्वरूप संसदीय नियमों तथा कार्यवाही के अनुसार तय होता है।विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची की व्यापक जांच और सत्यापन की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और उसमें दर्ज नामों की पात्रता तथा विवरण की जांच करना है। इस प्रक्रिया के तहत निर्धारित नियमों के अनुसार नए नाम जोड़े जा सकते हैं, मौजूदा प्रविष्टियों में संशोधन किया जा सकता है।

