
संविधान संवाद कार्यक्रम से पहले कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप, चैंबर ऑफ कॉमर्स में धरने पर बैठे कार्यकर्ता
मेरठ। कांग्रेस के “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत प्रस्तावित “संविधान संवाद” कार्यक्रम से पहले कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर कई नेताओं को हाउस अरेस्ट करने और कार्यक्रम आयोजित नहीं होने देने का आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम के बाद चैंबर ऑफ कॉमर्स परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए।
कार्यक्रम के संयोजक अवनीश काजला और महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने आरोप
लगाया कि जब वे दिल्ली रोड स्थित चैंबर ऑफ कॉमर्स पहुंचे तो कार्यक्रम स्थल के हॉल पर ताला लगा हुआ मिला। उनका दावा है कि इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे। उनका आरोप है कि प्रशासन ने कार्यक्रम आयोजित होने से रोकने का प्रयास किया, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
घटना के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हुए और प्रशासन के विरोध में धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के रवैये पर आपत्ति जताते हुए कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने की मांग की।
फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।मेरठ। कांग्रेस के “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत प्रस्तावित “संविधान संवाद” कार्यक्रम से पहले कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर कई नेताओं को हाउस अरेस्ट करने और कार्यक्रम आयोजित नहीं होने देने का आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम के बाद चैंबर ऑफ कॉमर्स परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए।

कार्यक्रम के संयोजक अवनीश काजला और महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने आरोप लगाया कि जब वे दिल्ली रोड स्थित चैंबर ऑफ कॉमर्स पहुंचे तो कार्यक्रम स्थल के हॉल पर ताला लगा हुआ मिला। उनका दावा है कि इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे। उनका आरोप है कि प्रशासन ने कार्यक्रम आयोजित होने से रोकने का प्रयास किया, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
घटना के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हुए और प्रशासन के विरोध में धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के रवैये पर आपत्ति जताते हुए कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने की मांग की।
फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







