दिल्ली की सीमाओं पर लगाये कटीले तार, राहुल बोले- पुल बनाइये दीवार नहीं

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  • सड़कों पर बिछाई गईं कीले व नुकीले सरिये
  • विपक्ष को मिला सरकार को घेरने का एक और मौका
  • प्रियंका गांधी बोलीं प्रधानमंत्री जी,किसानों से ही युद्ध
  • भारत सरकार, पुल बनाइये, दीवारे नहीं: राहुल गांधी

नई दिल्ली। दिल्ली की सीमाओं पर लगाई गई बैरीकेडिंग चर्चा का विषय बन गई हैं। साथ ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाली भी। विपक्ष को भी केंद्र सरकार पर हमलावर होने का मौका मिल गया है। कई लेयर में की जा रही यह बैरिकेडिंग की तुलना दो देशों के बीच सुरक्षा की दृष्टि से लगाई जाने वाली बैरीकेडिंग से की जा रही है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर सरकार को घेरा जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी ने तस्वीर साझा करते हुए सरकार को घेरा है। दिल्ली पुलिस को हाल ही में जो लोहे की लाठिया दी गई हैं वह भी किसी युद्ध सरीखी तैयारी की तरफ ही इशारा कर रही है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 22 सेंकड का एक वीडियो ट्वीट किया है। इसमें गाजीपुर बार्डर पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती दिख  रही है। इसके साथ ही कई लेयर की बैरिकेंडिग के बाद उसमें कंटीले तारों को भी लगाया गया है। इसके बाद कई लेयर में सुरक्षाबल भी तैनात किए गए हैं। प्रियंका ने इसके कैप्शन में लिखा, ”प्रधानमंत्री जी, अपने किसानों से ही युद्ध?”

इससे पहले प्रियंका ने कहा कि किसान आंदोलन कवर कर रहे पत्रकारों को गिरफ्तार किया जा रहा है, उन पर मुकदमें किए जा रहे हैं। कई जगह इंटरनेट बंद कर दिया गया है। भाजपा की केंद्र सरकार किसानों की आवाज को कुचलना चाहती है। 

इसी क्रम में नये तीन कृषि कानूनों के खिलाफ कांंग्रेस नेता राहुल गांधी भी खासे आक्रमक हैं। राहुल ने दिल्ली की सीमाओं पर लगाई गई फोर्स व उनकी तैयारियों की तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, ”भारत सरकार, पुल बनाइए-दीवारें नहीं.” 

बता दें कि 26 जनवरी को लालकिले पर हुई घटना के बाद एक बारगी  लगा था कि यह आंदोलन अब खत्म हो जायेगा लेकिन अंतिम समय में भाकियू नेता राकेश टिकैत के  भावनात्मक भाषण ने आंदोलन को नयी जान दे दी। पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, बागपत आदि जिलों में जिस तरह किसानों ने पंचायत की और जितनी उनमें भीड़ जुटी, उसने सरकार व प्रशासन की परेशानी बढ़ा दी है।

यही कारण है कि पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से और किसानों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने की आशंका के मद्देनजर दिल्ली से सटे गाजीपुर, सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. वहां कंटीले तार, बोल्डर और बैरिकेड लगा दिए गए हैं। सीमाई इलाकों में सघन तलाशी की जा रही है और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

इस पर भाकियू नेता राकेश टिकैत भी मुखर हो गये हैं। उन्होंने सवाल किया कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि किसान उनसे एक फोन काल की दूरी पर हैं। वहीं दूसरे तरफ किसानों के रास्ते में बैरीकेड के साथ ही कीलें लगाई जा रही हैं। वह भी तब जबकि अब उन्हें दिल्ली जाना ही नहीं है। जितने रास्ते बंद किये जायेंगे उतना ही पता चलेगा कि पब्लिक के रास्ते में कौन बाधा पहुंचा रहा है। 6 फरवरी को आहूत चक्का जाम के दौरान किसी आम जन को परेशान नहीं किया जायेगा। चक्का जाम दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आहूत किया गया है।

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