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परिजनाें के विरोध के बावजूद प्रेमिका से शादी करना जायज है?

परिजनाें के विरोध के बावजूद प्रेमिका से शादी करना जायज है?
परिजनाें के विरोध के बावजूद प्रेमिका से शादी करना जायज है?

प्रेम कोई एक मिनिट में घटने वाली घटना नहीं है। आपने किसी को देखा और आपको उसके प्रति आकर्षण महसूस हुआ और फिर आपके मन में उसी के विचार घूमने लगे और आप भी उन विचारों के साथ हो लिए क्योंकि यह एक आनंद देने जैसा अनुभव है।

फिर आपने सामने वाले से बात करने की, उसे प्रभावित करने की हर सम्भव कोशिश की और फिर आपने अपने साथी के साथ समय व्यतीत किया और अब यह प्रेम में परिवर्तित हो गया। अब आप दोनों भविष्य के लिए सपने देखने लगे और अपने साथी को उम्मीदें देने लगें।

अब इतना सब घटित होने बाद आपको याद आये अपने घरवाले, जिनके बारे में आपको सब कुछ मालूम था कि वह आपके प्रेम को स्वीकार नहीं करेंगे और फिर आप सोचतें है कि मैं अपने प्रेम के साथ क्या करूँ।

जिस प्रेम को पूरा न कर सको उसे होने से रोको। यह भी एक गलत कर्म है। मन की सतह पर दिया गया दु:ख शरीर के दु:ख से छोटा नहीं होता। जिस समय किसी के लिए प्रेम भरा पहला विचार आये तब उसी समय अपने परिवार को याद करो। आपको कोई अधिकार नहीं कि मजबूरी के नाम पर आप किसी के दु:ख का कारण बनो।

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वक्फ बोर्ड के निदेशक का जोरदार स्वागत

वक्फ बोर्ड के निदेशक का जोरदार स्वागत
वक्फ बोर्ड के निदेशक का जोरदार स्वागत

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष अंजुम निजामी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत

  • संवाददाता, ई रेडियो इंडिया

भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम के निदेशक गुलाम मोहम्मद का आगमन हुआ। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों ने महानगर अध्यक्ष अंजुम निजामी के नेतृत्व में उनका जोरदार स्वागत किया।

 भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष अंजुम निजामी ने गुलाम मोहम्मद को राजकीय इंटर कॉलेज में धीमी गति से चल रहे कार्यों को लेकर अवगत कराया और इसे जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की। इस दौरान उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम के निदेशक ने इंटर कॉलेज का निरीक्षण भी किया और जरूरी हिदायतें अधिकारियों को दी।

स्वागत कार्यक्रम के दौरान फिरोज चांद, हाजी तुफैल, शमी राणा, नासिर सैफी, अनस सिद्दीकी शादाब अल्वी, दिलशाद अहमद, शादाब शाह, इरशाद अंसारी मौजूद रहे।

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उमा भारती ने दिग्विजय सिंह को लिखा पत्र

  • भोपाल।

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री रहीं उमा भारती ने ब्यूरोक्रेसी पर अपने विवादित बयान को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिग्विजय सिंह के नाम के पत्र लिखा।

इस पत्र में उन्होंने कहा कि ब्यूरोक्रेसी पर आपने मेरे दिए बयान पर उचित प्रतिक्रिया दी है। मुझे अपनी ही बोली भाषा पर गहरा आघात लगा है। वहीं इससे पहले उन्होंने दिग्विजय सिंह की आलोचना की थी।

आपको बता दें कि मंगलवार को उमा भारती ने दिग्विजय सिंह को पत्र लिखा। इसमें खुद को उनकी लाड़ली बहन बताते हुए लिखा है कि ‘ब्यूरोक्रेसी पर आपने मेरे दिए बयान पर उचित प्रतिक्रिया दी है। मुझे अपनी ही बोली भाषा का गहरा आघात लगा है।

आगे लिखा कि मैं आपके पीछे पड़ जाती थी कि दादा संयत भाषा नहीं बोलते, यह तो बिलकुल ऐसा हो गया, जैसा रामायण जी में लिखा है- पर उपदेश कुशल बहुतेरे, सो आचरही ते न नर न घनेरे। मैं आगे से अपनी अपनी भाषा सुधार लूंगी, आप भी ऐसा कर सकें तो कर लें।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उमा भारती के इस बयान पर ट्वीट में लिखा, ‘उमा आप मेरी छोटी बहन के नाते मुझे कम बोलने के लिए चेताती रही हैं, लेकिन आपने नौकरशाहों के खिलाफ जो अपशब्दों का उपयोग किया है, वे घोर आपत्तिजनक हैं।

दिग्विजय सिंह ने लिखा कि भारतीय संविधान में ब्यूरोक्रेसी नियम व कानून के अंतर्गत निष्पक्षता से कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे आपके नौकर नहीं हैं, चप्पल उठाने वाले लोग नहीं हैं। आप (उमा भारती) केंद्रीय मंत्री रही हैं। मुख्यमंत्री रही हैं। इस प्रकार की टिप्पणी आपको नहीं करनी चाहिए। आपको माफी मांगनी चाहिए।

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नये राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र में अपने पहले भाषण में अमेरिका पर साधा निशाना

  • दुबई।

ईरान के नये राष्ट्रपति ने पद संभालने के बाद पहली बार संयुक्त राष्ट्र में भाषण देते हुए अपने देश पर युद्ध के एक तंत्र के रूप में लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों पर निशाना साधा। उन्होंने इस मंच का इस्तेमाल क्षेत्र में वाशिंगटन की नीतियों और अमेरिका के भीतर बढ़ती राजनीतिक फूट को दृढ़तता से सामने रखने के लिए किया।

राष्ट्रपति इब्राहिम राइसी ने अपने उदारवादी पूर्ववर्ती हसन रूहानी के संयुक्त राष्ट्र महासभा में पूर्व में दिए गए भाषणों की तुलना में अमेरिकी विदेश नीति पर अधिक आलोचनात्मक एवं तीखा रुख अपनाया।

पिछले महीने चुनाव के बाद शपथ लेने वाले राइसी एक रूढ़िवादी मौलवी और पूर्व न्यायपालिका प्रमुख हैं जिन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी के रूप में देखा जाता है। उनके भाषण में शिया-नेतृत्व वाला राष्ट्र सख्त अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद दुनिया में अपनी जगह कहां पर देखता है

इसकी झलक दिखायी देती है। इन प्रतिबंधों ने देश की अर्थव्यवस्था और आम ईरानी नागरिकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। राइसी ने कहा, “प्रतिबंध दुनिया के देशों के साथ अमेरिका के युद्ध का नया तरीका है।” साथ ही उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान ऐसी आर्थिक सजा “मानवता के खिलाफ अपराध” के समान है।

अमेरिकी प्रतिबंधों में भले ही मानवीय सहायता की रियायत दी गई हो लेकिन इसने दवाओं और उपकरणों की अंतरराष्ट्रीय खरीद को मुश्किल बना दिया। ईरान में कोरोना वायरस संक्रमण की कई लहरें आईं जिनमें करीब 1,18,000 लोगों की मौत हुई जो क्षेत्र में सर्वाधिक है।

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काम्या पंजाबी ने सिद्धार्थ शुक्ला को किया याद, कहा- क्यों हुई हमारी दोस्ती?

बॉलीवुड एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला के निधन को लगभग एक महीना पूरा होने वाला है लेकिन आज भी किसी को इस बात पर यकीन नहीं होता कि अब वह हमारे बीच नहीं हैं। अब इसी बीच काम्या पंजाबी ने सिद्धार्थ शुक्ला को याद किया है।

अभी हाल ही में काम्या पंजाबी ने सिद्धार्थ को एक इंटरव्यू में याद किया है। उन्होंने बताया कि वह सिद्धार्थ के बहुत करीब थीं। काम्या ने कहा कि हमने साथ में बहुत सारी पार्टियां की हैं।

काम्या ने कहा कि लेकिन मैंने कभी दूसरे स्टार्स की तरह इंस्टा स्टोरी या सोशल मीडिया पर शेयर नहीं किया। मैं भी गई उसकी मां से मिली लेकिन मैंने कभी नहीं दिखाया। आपको बता दें कि सिद्धार्थ और काम्या बिग बॉस 13 के दौरान ज्यादा नजदीक आए थे।

सिद्धार्थ और अपनी दोस्ती को याद करते हुए काम्या ने कहा कि अब मुझे लगता है कि क्यों हुई हमारी दोस्ती। ना हुई होती तो शायद मुझे इतना दुख तकलीफ नहीं होती। उन्होंने कहा कि मुझे आज भी यकीन नहीं होता कि अब वह हमारे बीच नहीं है।

मुझे अब भी ऐसा लगता है कि वह आज भी कभी भी मैसेज करेगा और हम घंटों तक बात करेंगे।आपको बता दें कि सिद्धार्थ और काम्या पहली बार प्रत्युषा बनर्जी के जरिए मिले थे और इसके बाद ही इनकी दोस्ती की शुरुआत हुई थी।

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आरोपों को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी का इस्तीफा मांगा

  • नई दिल्ली।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ कुछ साल पहले लगे ‘मी टू संबंधी आरोपों’ को लेकर उनका इस्तीफा मांगा है। रेखा शर्मा ने सोमवार को एक बयान में कहा कि यह ‘शर्मनाक’ है कि ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत ही शर्मनाक और आपत्तिजनक है कि ऐसे व्यक्ति को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया गया है। हम नहीं चाहते कि कोई भी दूसरी महिला उस अनुभव और उत्पीड़न का सामना करे जिससे एक महिला आईएएस अधिकारी को गुजरना पड़ा था।’’

महिला आयोग की अध्यक्ष के अनुसार, पंजाब महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया, इसके बावजूद राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा, ‘‘कल्पना की जा सकती है कि उस राज्य में महिला सुरक्षा की स्थिति क्या होगी, जहां की कमान संभाल रहे व्यक्ति खुद ही महिला सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने के आरोपी हैं।

’’ उल्लेखनीय है कि 2018 में आरोप लगा था कि पंजाब सरकार के तत्कालीन मंत्री चन्नी ने एक महिला आईएएस अफसर को आपत्तिजनक संदेश भेजे थे। हालांकि, महिला आईएएस अधिकारी ने इसको लेकर शिकायत नहीं दर्ज कराई और दोनों के बीच मामले को सुलझा लिया गया।

इस साल तीन मई को पंजाब महिला आयोग की अध्‍यक्ष मनीषा गुलाटी ने राज्य सरकार से कहा कि वह आईएएस अफसर के लिए इंसाफ चाहती हैं, जिनका अब पंजाब के बाहर तबादला हो गया है। उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे पर अगर राज्य सरकार एक सप्ताह में उन्हें अपने रुख से अवगत नहीं कराती है तो वह भूख हड़ताल करेंगी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिख कर सरकार की कार्रवाई रिपोर्ट की मांग की है।

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रूसी यूनिवर्सिटी में फायरिंग

रूस की पर्म स्टेट यूनिवर्सिटी में एक बंदूखधारी शख्स ने अंधाधुंध फायरिंग कर 8 लोगों को मौत के घाट उतर दिया। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि कुछ छात्रों ने हमलावर से छिपने के लिए विश्वविद्यालयों के सभागारों में खुद को बंद कर लिया तो वहीं कुछ छात्र खिड़कियों से बाहर कूद गए।

वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक मस्जिद से पीने का पानी लेने के कारण एक गरीब हिंदू किसान परिवार को कुछ लोगों ने प्रताड़ित किया और बंधक बना लिया। रूस की एक यूनिवर्सिटी में अचानक एक बंदूखधारी शख्स घुस गया और उसने वहां मौजूद लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गयी।

आरटी न्यूज ने बताया कि रूसी कानून प्रवर्तन ने सोमवार सुबह पर्म क्राय क्षेत्र में पर्म स्टेट यूनिवर्सिटी (पीएसयू) में एक बंदूकधारी चुपचाप घुस गया और उसने लोगों पर गोली चलानी शुरू कर दी। थोड़ी ही देर में बंदूकधारी को मार गिराया गया लेकिन तब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी थी। गोली से बचने के लिए छात्रों और टीचर्स ने खुद को कमरे में बंद कर लिया।

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राज कुंद्रा को तीन महीने बाद कोर्ट से मिली जमानत

अश्लील फिल्म निर्माण मामले में राज कुंद्रा को कोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने कुंद्रा को तीन महीने बाद जमानत दी है। इससे पहले राज कुंद्रा ने कई बार जमानत की अपील की थी लेकिन राज कुंद्रा की अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

अश्लील फिल्म निर्माण मामले में राज कुंद्रा को कोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने कुंद्रा को तीन महीने बाद जमानत दी है। इससे पहले राज कुंद्रा ने कई बार जमानत की अपील की थी लेकिन राज कुंद्रा की अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

मुंबई की एक अदालत ने सोमवार को व्यवसायी राज कुंद्रा को अश्लील सामग्री मामले में जमानत दे दी। अदालत ने कुंद्रा से 50 हजार रुपये का मुचलका भरने को कहा है। राज कुंद्रा की एक कंपनी के आईटी हेड रेयान थोर्प को भी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानत दे दी है।

राज कुंद्रा और रयान थोर्प दोनों को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने इस साल जुलाई में अश्लील सामग्री के उत्पादन और वितरण के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। यह मामला सबसे पहले इस साल फरवरी में मुंबई के मढ़ इलाके में एक बंगले पर छापेमारी के दौरान सामने आया था।

अधिकारियों ने पाया था कि बंगले के अंदर अश्लील सामग्री शूट की जा रही थी। मामले की जांच में राज कुंद्रा के सहयोगी उमेश कामत को गिरफ्तार किया गया। मामले में शुरुआती चार्जशीट इस साल अप्रैल में नौ लोगों के खिलाफ दायर की गई थी।

अश्लील फिल्म मामले में आरोपी कारोबारी राज कुंद्रा ने अदालत में जमानत अर्जी दाखिल कर दावा किया कि उन्हें ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है और मामले में दाखिल पूरक आरोप पत्र में कोई सबूत नहीं है जो कथित आपत्तिजनक फिल्म बनाने में उनकी प्रत्यक्ष संलिप्तता को साबित करे।

मामले की जांच कर रही अपराध शाखा ने कुंद्रा और तीन अन्य के खिलाफ कथित तौर पर अश्लील (पोर्न) फिल्म बनाने और कुछ ऐप की मदद से प्रसारित करने के आरोप में हाल में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। इसके बाद आरोपी ने मेट्रोपोलिटन अदालत का रुख किया और तर्क दिया कि व्यवहारिक रूप से मामले की जांच हो चुकी है।

बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति कुंद्रा को 19 जुलाई को गिफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस समय कुंद्रा न्यायिक हिरासत में हैं।

अधिवक्ता प्रशांत पाटिल के जरिये दाखिल जमानत अर्जी में कुंद्रा ने दावा किया कि आज की तरीख तक अभियोजन के पास एक भी सबूत नहीं है जो ‘हॉटशॉट्स’ ऐप को कानून के आधार पर अपराध के साथ संबद्ध कर सके। अभियोजन के मुताबिक हॉटशॉट्स ऐप के जरिये आरोपी अश्लील सामग्री को अपलोड एवं स्ट्रीमिंग करता था।

जमानत अर्जी में यह भी कहा गया कि पूरे पूरक आरोप पत्र में एक भी आरोप मौजूदा आवेदक (कुंद्रा) के खिलाफ नहीं है जो इंगित करे कि वह किसी वीडियो की शूटिंग में सक्रिय रूप से शामिल थे। बल्कि यह कलाकार के विवेक पर है कि वह सामग्री ऐप पर अपलोड करे या नहीं करे।

आवेदन में कहा गया कि शिकायत की सामग्री प्रथम दृष्टया कुंद्रा के खिलाफ किसी अपराध का खुलासा नहीं करती। अर्जी में दावा किया गया कि कुंद्रा को गलत तरीके से मामले में फंसाया गया। उनका नाम प्राथमिकी में नहीं था लेकिन प्रतिवादी (पुलिस) ने उसका नाम जबरन मामले में खींचा।

याचिका में कहा गया कि इसकी वजह एजेंसी ही बता सकती है लेकिन उन्हें ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है। इसमें कहा गया कि जांच में साफ तौर पर दिखता है कि कुंद्रा का ‘आपत्तिजपक सामग्री’ बनाने के किसी भी अपराध में दूर-दूर तक संबंध नहीं है। अदालत कुंद्रा की जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई करेगी।

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खतरा: मेरठ मंडल में स्क्रब टाइफस का हमला तेज

  • मेरठ

मेरठ में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिले में शनिवार को 18 नए मरीज मिले। अब तक कुल 177 मिल चुके हैं। अब 94 केस सक्रिय हैं और 83 मरीज ठीक हो चुके हैं। नए मरीज रोहटा, मलियाना जयभीमनगर, मवाना और सरूरपुर के रहने वाले हैं।

इन स्थानों पर मलेरिया विभाग ने एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग कराई है। दूसरी तरफ जिला मलेरिया विभाग की टीम द्वारा घर-घर किए जा रहे सर्वे अभियान में नारंगपुर, तेज विहार, फाजिलपुर, पल्लवपुरम, कसेरू बक्सर, जय भीम नगर, ट्रांसपोर्ट नगर और साबुन गोदाम 34 घरों में लार्वा मिले हैं। यहां 34 लोगों को नोटिस दिए गए हैं।  

शहर में कोरोना से तो अब राहत है, लेकिन डेंगू, वायरल बुखार और स्क्रब टाइफस कहर बरपा रहा है। पिछले एक महीने में मेरठ मंडल में स्क्रब टाइफस के 42 मरीज मिल चुके हैं, जबकि डेंगू के मरीजों की संख्या 338 पहुंच गई है।

अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राजकुमार का कहना है कि डेंगू या स्क्रब टाइफस के मरीज मंडल में बढ़ रहे हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। अस्पतालों में डेंगू वार्ड बने हैं और जांच की भी सुविधा उपलब्ध है। स्क्रब टाइफस के लक्षण मिलने पर तुरंत टेस्ट कराएं। अपंजीकृत डॉक्टर से इलाज न कराएं। टाइफस आरिएंटिया त्सुत्सुगामशी बैक्टीरिया के कारण होती है। मंडल में अलग से टीमें गठित की गई हैं।

फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि स्क्रब टाइफस में मरीजों के जोड़ों में दर्द होता है। बुखार के साथ शरीर पर निशान पड़ जाते हैं। 7 से 8 दिन में मरीज ठीक हो जाता है। जिन लोगों को लंबे समय से बुखार या स्किन पर निशान बना रहता है। 

स्क्रब टाइफस 

जिला     मरीजों  की संख्या

गाजियाबाद    34 

गौतमबुद्धनगर     03 

हापुड़        02 

मेरठ         01 

बुलंदशहर         01 

बागपत      01 

 डेंगू की स्थिति 

जिला    मरीजों  की संख्या

गाजियाबाद         125 

गौतमबुद्धनगर           16 

हापुड़             08 

मेरठ              177 

बुलंदशहर               01 

बागपत           11 

कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला : शनिवार को 4631 सैंपलों की जांच हुई। इनमें कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला। सक्रिय केस तीन हैं, इनमें एक अस्पताल और दो घर पर हैं। ब्लैक फंगस के 348 मरीज मिल चुके हैं। 

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रूस में संसदीय चुनाव का आज आखिरी दिन

रूस में 17 सितंबर से शुरू हुए संसदीय चुनाव का आज आखिरी दिन है। वैसे तो राष्ट्रपति पुतिन के सत्ता में आने के बाद रूस में चुनाव नाममात्र के ही रह गए हैं, क्योंकि देश के राजनैतिक समीकरणों पर उनका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। रूस में मतदान आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से होता है।

लेकिन आज बात रूस के चुनाव के आखिरी दिन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में मौजूद दो अतंरिक्ष यात्रियों ने भी वोट डाला। उन्होंने अंतरिक्ष से ही अपने पसंद के उम्मीदवार को वोट देकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अंतरिक्ष में मौजूद रूस के ओलेग नोवित्स्की और प्योत्र दुबोव ने ऑनलाइन वोटिंग के जरिये ऐसा किया। जिसके बारे में अंतरिक्ष एजेंसी Roscosmos की तरफ से ob

क्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार भी परिणाम चौंकाने वाले नहीं होंगे, राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन की यूनाइटेड रशिया पार्टी ही जीतेगी। बावजूद इसके उनका दल चुनाव में हर तरह की धांधली करने में पीछे नहीं है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, यहां चुनाव में 225 उम्मीदवारों में 24 नाम एक जैसे हैं. मतदाताओं को बरगलाने के लिए बोरिस विश्नेवस्की के नाम से उतारे गए।

कहा जा रहा है कि विपक्षी नेता को हराने के लिए यह सत्तारूढ़ दल द्वारा जानबूझकर एक जैसे तीन नाम वाले उम्मीदवारों को उतारा गया है।रूस के दूसरे सबसे बड़े राजनीतिक दल, कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख ने नयी राष्ट्रीय संसद के चुनाव में व्यापक उल्लंघनों का आरोप लगाया है। उनकी पार्टी को इस चुनाव में अच्छी संख्या में सीटें जीतने की उम्मीद है।

बीती रात यूट्यूब पर एक वीडियो प्रसारित हुआ, जिसमें जेल में बंद विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी ने यह बताया कि यूनाइटेड रशिया पार्टी के प्रभुत्व को कम करने के लिये किसे वोट देना चाहिये। इस वीडियो के रूस में प्रसारण पर पांबदी रही लेकिन यह गैर-रूसी सर्वरों पर देखी जा सकती है।

कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख गैनेडी ज्यूगानोव ने तीन दिन तक चलने वाले मतदान के दूसरे दिन शनिवार को कहा कि पुलिस और राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग को विभिन्न क्षेत्रों में मतदान में गड़बड़ी समेत कई गंभीर तथ्यों को लेकर आ रही खबरों पर ध्यान देना चाहिये।

रूस में संसदीय चुनावों के लिए मतदान से पहले शुक्रवार को ऐप्पल और गूगल प्ले स्टोर्स से एक ऐप गायब हो गया जिसे जेल में बंद रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी के सहयोगियों ने बनाया था। नवलनी ने ‘स्मार्ट वोटिंग’ नाम का ऐप डिजाइन किया था जिससे उन उम्मीदवारों का प्रचार किया जा सके जिनके क्रेमलिन के समर्थन वाले प्रत्याशियों को हराने की संभावना है। रूस के अधिकारी इस ऐप के प्रयोग को हतोत्साहित कर रहे हैं।

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