
हरियाणा के करनाल में आयोजित एक रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्ष 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार हार चुकी है, जबकि इन चुनावों के दौरान देश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया नहीं हुई थी।
शाह ने यह बयान मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में दिया।अमित शाह ने अपने संबोधन में राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और अराजकता फैलाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनावी हार के कारणों पर विचार करना चाहिए। उनके बयान का मुख्य जोर इस बात पर था कि जब पहले के तीन लोकसभा चुनावों में SIR नहीं हुआ था, तब भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में चुनावी हार के लिए केवल मतदाता सूची के पुनरीक्षण को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।अमित शाह ने वर्ष 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार तीन आम चुनावों में हार चुकी है। इन चुनावों के दौरान SIR नहीं हुआ था। शाह ने इस तथ्य को कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची संशोधन को लेकर उठाए जा रहे सवालों के जवाब के रूप में पेश किया।उनके बयान के जरिए भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की कि कांग्रेस को अपनी चुनावी स्थिति और संगठनात्मक चुनौतियों पर भी विचार करना चाहिए। भाजपा नेताओं का तर्क है कि चुनाव में हार के कई कारण हो सकते हैं और इसके लिए मतदाता सूची की प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है।गृह मंत्री ने राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और राजनीतिक अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। शाह ने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में मुद्दों पर चर्चा और बहस होनी चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संसदीय कार्यवाही को बाधित करना उचित नहीं है।संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे में शाह का यह बयान कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक टकराव का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस जहां सरकार की नीतियों और चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाती रही है, वहीं भाजपा विपक्ष पर संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाती है।हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी रैली में कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस के प्रचार को भ्रामक बताया। सैनी के मुताबिक, कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच गलत जानकारी फैला रही है।मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के संशोधन को चुनावी व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रिया के रूप में पेश किया। उनका आरोप था कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रूप दे रही है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है। वहीं, विपक्षी दल इस प्रक्रिया के तरीके और उसके संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है।

