फुल फालतू: क्या पता चेन तोड़ने वालों को प्रतिष्ठा मिल जाए?

218

फुल फालतू: पूरे देश में कोरोना संक्रमण को तोड़ने के लिए बड़े-बड़े कारनामे किये जा रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी, बेड की कमी, इलाज में लापरवाही… वैक्सीन की कमी… ये सभी दिक्कतें एक साथ आ पड़ीं हैं…

लेकिन इसका समाधान करने के लिए जब पीएम मोदी जी मीटिंग करते हैं तो आम आदमी वाले केजरीवाल बीच में छेद कर पूरी देश को बता देते हैं कि मोदी जी से उन्होंने क्या पूछा….

बताओ भला… अब पूरे देश ने सुन लिया केजरीवाल की सवाल… मोदी जी नाराज हो गए और प्रोटोकाल का हवाला देकर ईशारा कर दिया कि केजरीवाल को भविष्य में पता चल जाएगा… कि प्रोटोकाल की खिलाफत कितनी की गई।

बहरहाल मैं तो कह रहा था कि यह पूरा ड्रामा चेन तोड़ने के लिए किया जा रहा है। एक ठू काम वाली बात बताएं… ओ हो… खुश न हो इतना घर पे आने वाली काम वाली की बात नहीं बताने जा रहा हूं)

आपके शहर में ऐसे-ऐसे वीर पड़े हैं जो इस चेन को फटाक से तोड़ेंगे और फुर्र हो जाएंगे… भाई साहब पता भी नहीं चलेगा कि आखिर ये गए कहां… बस एक बार यहां के एसएसपी अपने पुलिसवालों को यह कह दें कि वो कार्रवाई नहीं करेंगे… फिर देखें कैसे कोरोना रहता है हमारे शहर में…

आए दिन आप अखबारों में पढ़ते हैं कि चेन ले उड़ा बदमाश… शहर के अलग-अलग चौराहों से ये घटनाएं आए दिन सुनने को मिल जाती हैं यहां तक कि कमिश्नरी चौराहा व कमांड हाउस के सामने से भी चेन तोड़ने में इन्हें महारत हासिल है…

पुलिस को इन सभी चेन तोड़ने वालों का दर पता मालूम होता है… मैं तो कहता हूं कि एक बार ये भी तरीका आजमा ही लो… क्या पता शहर के झपट्टामार बदमाश कोरोना की भी चेन ले उड़ें…. और जैसे दारू को बुरा कहने वाले कोरोना आने के बाद दारू को जीवनरक्षक बताने लगे… उसी तरह इन चेन तोड़ने वालों को क्या पता सामाजिक प्रतिष्ठा हाथ लग जाऐ…. मने मैं तो कह रहा था… बाकी तो आप बताओ … ये इशारा ठीक लगा या नहीं…