
बिहार विधान परिषद चुनाव में तीन सीटों पर मिली हार के बाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) आज मंथन कर रहा है। दोपहर दो बजे से जदयू दफ्तर के कर्पूरी सभागार में बैठक बुलाई गई है। यह बैठक जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा लेंगे। जदयू सूत्रों की मानें तो इस बैठक पार्टी यह आकलन करेगी कि किन क्षेत्रों में संगठन अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका और चुनाव के दौरान किन स्तरों पर रणनीतिक चूक हुई। इसके लिए जिलाध्यक्षों से फीडबैक लिया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ और चुनाव प्रचार के दौरान सहयोगी दलों के साथ समन्वय जैसे मुद्दे समीक्षा के केंद्र में रहेंगे।
पार्टी की इस कवायद में उन नेताओं की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है, जिनकी सक्रियता और चुनाव में योगदान को लेकर सवाल उठे हैं। शीर्ष नेतृत्व यह भी जांच करेगी कि किन इलाकों में संगठन ने मजबूती से काम किया और कहां अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उम्मीदवारों को चुनाव के दौरान किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, इस पर भी चर्चा हो सकती है।
विधान परिषद चुनाव में सारण शिक्षक और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू उम्मीदवारों की हार पार्टी के लिए खास तौर पर चिंता का विषय है। जदयू उम्मीदवार अभिषेक झा ने दो दिन पहले प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी लेकिन वह रद्द कर दी गई थी। सूचना मिली थी क्या अभिषेक जा एनडीए के ही घटक दलों के नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। लेकिन, उसे दिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद संजय झा और उमेश कुशवाहा नीतीश कुमार से मिलने उनके आवास पर गए, उन्हें सारी चीजों से अवगत करवाया। इन दोनों सीटों पर नतीजों के कारणों की विस्तार से समीक्षा की जा रही है। चुनाव के दौरान जदयू प्रत्याशियों की ओर से सहयोगी दलों के समर्थन और चुनावी तालमेल को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।

