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कठपुतली के माध्यम से कुष्ठ रोग के प्रति फैलाई जा रही जागरूकता 

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झुग्गी झोपड़ी व मलिन बस्तियों में चलाया जा रहा अभियान 

मेरठ। कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद कुष्ठ रोग विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अधिक से अधिक लोगों को  कुष्ठ  रोग से  होने वाले परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिये स्वास्थ्य विभाग ने अब कठपुतली का सहारा लिया है। कठपुतली शो के माध्यम से शहर व देहात की मलिन बस्तियों व झुग्गी झोपड़ियों में जागरूकता फैलाई जा रही है।

सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हापुड़ रोड स्थित मलिन बस्तियों व मवाना में जागरूकता अभियान चलाया। कठपुतली शो के माध्यम से लोगों को यह बताने का प्रयास किया गया कि जरा सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डा. कमलेश चन्द्र तिवारी ने बताया-कोरोना का संक्रमण काबू होने पर कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता पर गतिविधियों को तेज कर दिया गया है। 30 जनवरी से जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया।

इसके तहत कुष्ठ रोग के प्रति लोगों में फैली भ्रांति, भेदभाव को समाप्त करने के लिये जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। ग्राम सभा में बैठकों का आयोजन कर प्रधान, जिला परिषद के सदस्यों व कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों को कुष्ठ रोग से बचने व उपचार के बारे में विस्तार से बताया गया। लोगों को जागरूकता फैलाने के लिये शपथ भी दिलाई गयी। उन्होंने बताया- हापुड़ रोड स्थित लोहिया नगर, आशियाना कॉलोनी व मवाना में मलिन बस्तियों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कठपुतली के माध्यम से यह बताया गया कि किन कारणों से कुष्ठ रोग फैलता है और इसका किस प्रकार से उपचार किया जाताहै। उन्होंने बताया सरकार की ओर से कुष्ठ रोग के लाभार्थी की पेंशन को 2500 से बढ़ाकर दिसंबर 2021 से 3000 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। उन्होंने बताया जिले में वर्तमान में 133 लाभार्थी हैं।

क्या है कुष्ठ रोग

कुष्ठ रोग एक दीर्घकालिक संक्रामक रोग है। इसमें त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे दिखाई देते है। इस रोग की शुरुआत बहुत धीमी गति से होती है। यह रोग तंत्रिकाओं, त्वचा और आंखों को प्रभावित करता है। इस रोग से स्थायी शारीरिक  विकलांगता हो सकती है। कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्री और माइकोबैक्टीरियम लेप्री मेटासिस के कारण होता है। इसके कारण त्वचा पर दाग धब्बों में संवेदनहीनता यानी सुन्नपन होने लगता है। हाथ या पैरों में अस्थिरता या झुनझुनी पैदा होती है। मुफ्त में उपचार स्वास्थ्य विभाग कुष्ठ रोगियों को को निशुल्क उपचार उपलब्ध करता है। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मल्टी ड्रग थेरेपी(एमडीटी) मुफ्त में की जाती है।

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