
पूर्व सांसद और पूर्व विधायक ने तलाशा ठिकाना
मेरठ। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में एक बड़े फेरबदल की हलचल तेज हो गई है। क्षेत्र के कद्दावर नेता व पूर्व सांसद अमीर आलम खान और उनके पूर्व विधायक पुत्र नवाजिश आलम खान का नया राजनीतिक ठिकाना अब कांग्रेस बनने जा रहा है। सियासी गलियारों की मानें तो आगामी विधानसभा चुनाव में यह पिता-पुत्र की जोड़ी कांग्रेस के सिंबल पर चुनावी मैदान में हुंकार भरती नजर आएगी।
आगामी 23 सितंबर को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान दोनों नेता आधिकारिक तौर पर ‘हाथ’ का दामन थामेंगे। इस दिन कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में वे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कर अपनी नई राजनीतिक पारी का आगाज करेंगे।करीब डेढ़ साल पहले आजाद समाज पार्टी (आसपा) में शामिल हुए पिता-पुत्र ने शुक्रवार को पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद का साथ छोड़ दिया था। दोनों नेताओं के इस अप्रत्याशित इस्तीफे के बाद से ही उनके कांग्रेस में जाने के कयास लगने लगे थे। पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुस्लिम वोट बैंक पर अच्छी पकड़ रखने वाले अमीर आलम परिवार के इस कदम को कांग्रेस के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। चर्चा है कि 2027 के चुनाव में कांग्रेस इस जोड़ी के जरिए वेस्ट यूपी में अपने जनाधार को दोबारा मजबूत करने की रणनीति पर काम करेगी। अब 23 सितंबर को दिल्ली में होने वाली इस जॉइनिंग पर राजनीतिक जानकारों की निगाहें टिकी हुई हैं।












