
Meerut Police News में मेरठ के दौराला थाने से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस विभाग के भीतर की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दौराला थाने में तैनात एक कांस्टेबल ने थाने के मुंशी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए नौकरी छोड़ने की इच्छा जाहिर की है। कांस्टेबल ने एसएसपी मेरठ को पत्र भेजकर पुलिस सेवा से इस्तीफा देने की बात कही है। इतना ही नहीं, इस पत्र की प्रतिलिपि थाना दौराला, एडीजी और डीजीपी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है। पत्र में लगाए गए आरोपों के सामने आने के बाद मामला पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गया है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कांस्टेबल द्वारा लगाए गए आरोपों ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि यदि विभाग के भीतर कार्यरत पुलिसकर्मी ही मानसिक दबाव और प्रताड़ना की शिकायत कर रहे हैं, तो ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच और समाधान कितना आवश्यक है। फिलहाल मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में पहुंच चुका है।
Meerut Police News में कांस्टेबल ने मुंशी पर मानसिक प्रताड़ना और दबाव बनाने का लगाया आरोप
दौराला थाने में तैनात आरक्षी शीलेंद्र कुमार शर्मा (आरसीसी-3763) ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि थाने का मुंशी लगातार उन्हें परेशान करता है। उनके अनुसार यह स्थिति अब इतनी गंभीर हो गई है कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुके हैं और पुलिस सेवा छोड़ने का निर्णय लेने के लिए मजबूर हो गए हैं।
पत्र में कांस्टेबल ने उल्लेख किया है कि दो दिन पहले वह एक अज्ञात शव के साथ आवश्यक कार्रवाई के लिए थाने से रवाना हुए थे। आरोप है कि इसी दौरान मुंशी ने उन्हें शव को बीच रास्ते में छोड़कर तत्काल वीआईपी ड्यूटी में पहुंचने का दबाव बनाया।
कांस्टेबल का कहना है कि इस तरह के निर्देश न केवल उनकी ड्यूटी के विपरीत थे, बल्कि उन्हें गंभीर मानसिक तनाव का सामना भी करना पड़ा। उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा कि लगातार हो रहे इस प्रकार के व्यवहार के कारण वह अब पुलिस विभाग में कार्य जारी रखने की स्थिति में नहीं हैं।
पत्र सामने आने के बाद पुलिस विभाग के भीतर भी इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
Meerut Police News में आर्थिक दबाव का भी जिक्र, इस्तीफा देने की जताई इच्छा
अपने पत्र में कांस्टेबल शीलेंद्र कुमार शर्मा ने केवल मानसिक प्रताड़ना का ही आरोप नहीं लगाया, बल्कि आर्थिक दबाव का भी उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा कि वह किसी भी प्रकार का पैसा देने में असमर्थ हैं और इसी कारण उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।
कांस्टेबल का कहना है कि परिस्थितियां इस हद तक पहुंच चुकी हैं कि अब वह मानसिक रूप से बेहद व्यथित हैं। इसी वजह से उन्होंने पुलिस सेवा से त्यागपत्र देने की इच्छा व्यक्त की है।
उन्होंने अपना पत्र सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मेरठ को भेजा है। इसके अलावा पत्र की प्रतिलिपि थाना दौराला, अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
पत्र में लगाए गए आरोपों की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है, लेकिन मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर इसकी गंभीरता से चर्चा शुरू हो गई है।
Meerut Police News में अधिकारियों ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा
कांस्टेबल द्वारा लगाए गए आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कांस्टेबल का इस्तीफा स्वीकार किया गया है या नहीं। विभागीय प्रक्रिया के तहत पहले उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी और उसके बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
पुलिस विभाग के जानकारों का मानना है कि यदि किसी कर्मचारी को कार्यस्थल पर मानसिक प्रताड़ना या अनुचित दबाव का सामना करना पड़ रहा है तो उसकी शिकायत का निष्पक्ष परीक्षण होना आवश्यक है। वहीं यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
दौराला थाने से सामने आया यह मामला पुलिस विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर नई चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें विभागीय जांच पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और कांस्टेबल द्वारा लगाए गए आरोपों पर पुलिस प्रशासन क्या निर्णय लेता है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पत्र में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और इस मामले में आगे किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है।







