
अधिवक्ता मोर्चा जिलाध्यक्ष एडवोकेट प्रशान्त मिश्रा — निःशुल्क पैरवी से निर्दोष को मिला न्याय
पुलिस विवेचना की खामियां सामने आईं, सजग अधिवक्ता की साक्ष्य-आधारित पैरवी ने बदली मुकदमे की दिशा
कानपुर नगर। कहते हैं—न्याय में देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं। कानपुर का एक मामला इस विश्वास को फिर मजबूत करता है। आपको बता दें पॉक्सो से संबंधित मुकदमा अपराध संख्या 74/2023 में विजय नाथ को अभियोजन के चलते लगभग 9 महीने जेल में रहना पड़ा। आर्थिक रूप से कमजोर विजय नाथ के लिए यह सिर्फ मुकदमा नहीं, बल्कि जिंदगी और सम्मान की लड़ाई थी।इसी मोड़ पर सामने आए नेशनल मीडिया प्रेस क्लब अधिवक्ता मोर्चा के जिलाध्यक्ष एडवोकेट प्रशान्त मिश्रा।उन्होंने गरीब और लाचार विजय नाथ का मुकदमा निःशुल्क अपने हाथ में लिया।मामले की विवेचना, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों को बारीकी से परखा। पैरवी के दौरान विवेचना में सामने आई कमियों और साक्ष्यों की कमजोरियों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा। नतीजा – न्यायालय ने दोनों पक्षों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विजय नाथ को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया।
विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय, पॉक्सो एक्ट, कोर्ट संख्या-20, कानपुर नगर द्वारा आदेश पारित किया गया।
यह सिर्फ एक बरी होने का फैसला नहीं। यह उस गरीब व्यक्ति के लिए सम्मान वापस पाने की उम्मीद है, जिसने लगभग नौ महीने जेल में बिताए। यह सवाल भी छोड़ जाता है— अगर विवेचना में कमी रह जाए और निर्दोष व्यक्ति को उसका खामियाजा भुगतना पड़े, तो उसकी जिंदगी के उन खोए हुए महीनों की भरपाई कौन करेगा? कानून का उद्देश्य निर्दोष को फंसाना नहीं,
बल्कि साक्ष्यों के आधार पर सत्य तक पहुंचना है। और इस मामले ने एक बात स्पष्ट कर दी कि पुलिस रिपोर्ट अंतिम सत्य नहीं होती, न्यायालय अंतिम निर्णय देता है। जब सजग अधिवक्ता, मजबूत कानूनी समझ और साक्ष्यों के साथ न्यायालय के सामने खड़ा होता है, तो गरीब और लाचार व्यक्ति भी न्याय की चौखट से खाली हाथ नहीं लौटता। एडवोकेट प्रशान्त मिश्रा की निःशुल्क पैरवी बनी मिसाल, यह पहल समाज के लिए एक बड़ा संदेश है – गरीबी न्याय पाने में बाधा नहीं होनी चाहिए। न्यायालय पर विश्वास रखिए। देर है, अंधेर नहीं। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब अधिवक्ता मोर्चा का संदेश, जहां गरीब की आवाज कमजोर पड़ती है, वहां कानून की ताकत उसके साथ खड़ी होनी चाहिए। एडवोकेट प्रशान्त मिश्रा की निःशुल्क पैरवी —एक मुकदमा नहीं, न्याय के प्रति जिम्मेदारी की मिसाल बनी, इस जीत पर नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के सदस्यों व पदाधिकारियों ने एडवोकेट प्रशान्त मिश्रा को बधाई दी, एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर (कार्यकारिणी सदस्य द लॉयर्स एसोसिएशन, एवं एडवोकेट धनराज सिंह चौहान की गरिमामई उपस्थिति रही।







