
वार्ड 60 के निवासियों का अनूठा प्रदर्शन
मेरठ। नगर निगम सीमा क्षेत्र के वार्ड 60 में बंदरों के आतंक से त्रस्त क्षेत्रवासी खुद बंदर बनकर सड़क पर उतर गए। कलेक्ट्रेट पर बंदरों जैसी अजीब हरकतें कर धरना प्रदर्शन करते हुए क्षेत्रवासियों ने इन हालात के लिए वन विभाग और नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया। इसी के साथ जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की।
स्थानीय पार्षद पति ठाकुर नीरज सिंह के नेतृत्व में फूलबाग कॉलोनी और आसपास के इलाकों के दर्जनों पुरुष और महिलाएं मुंह पर बंदरों का मास्क पहनकर कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। कलेक्ट्रेट में धरना देकर प्रदर्शन करते लोगों को बंदरों जैसी हरकतें करते देखा सड़क चलते लोग भी हैरान रह गए। प्रदर्शनकारियों ने डीएम के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि वार्ड 60 के रिहायशी इलाकों में सैकड़ों बंदरों के झुंड ने डेरा डाल दिया है। हालात यह हैं कि स्कूल जाते बच्चों, सड़क पर निकलते बुजुर्गों और महिलाओं पर कभी भी बंदरों का यह झुंड हमला बोल देता है। जिसमें अब तक कई लोग चोटिल हो चुके हैं। बंदरों की दहशत के चलते लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डरने लगे हैं। इस मामले में कई बार नगर निगम और वन विभाग से शिकायत की गई। मगर दोनों ही विभाग बंदर पकड़ने की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालकर अपना पिंड छुड़ा लेते हैं। आलम यह है कि मेयर हरिकांत अहलूवालिया के कहने पर भी वन विभाग के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि शायद दोनों ही विभाग के अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। जिसके चलते इन विभागों के अधिकारियों की आंख खोलने के लिए आज मजबूर होकर क्षेत्रवासी खुद बंदर बनकर सड़क पर उतरे हैं। डीएम के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को बुलाकर बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की।
