- फर्जी अफसर बना ‘देशद्रोही गैंग’ – मेरठ की युवती ने किया गिरोह का पर्दाफाश
मेरठ। एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां भारतीय सेना और नौसेना की वर्दी और पहचान का गलत उपयोग कर एक खतरनाक गिरोह ने 40 से अधिक युवतियों को भावनात्मक, मानसिक व आर्थिक रूप से शिकार बनाया है। इस गिरोह का भंडाफोड़ मेरठ की एक साहसी युवती ने किया है। आरोप है कि गिरोह के मुख्य आरोपी रोहित कुमार ने स्वयं को नौसेना का “लेफ्टिनेंट कमांडर” और बाद में “कमांडर” बताकर सोशल वैवाहिक साइट ‘Better Half’ पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवतियों को शादी और प्यार का झांसा दिया। इस दौरान उसने नकली आईडी कार्ड, वर्दी और झूठे सैन्य सम्मान की कहानियाँ गढ़कर युवतियों को फंसाया और लाखों रुपये की ठगी की।
पीड़िता ने बताया कि रोहित ने भावुक कर देने वाली कहानियाँ गढ़ी, जैसे कि उसके माता-पिता एक सबमरीन ब्लास्ट में शहीद हो गए और वह अकेली बहन की शादी के लिए संघर्षरत है। वह खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत खुफिया एजेंसी JTF में डेपुटेशन पर बताता था। मेरठ आने पर उसने एक झूठा मामला बनाया कि उसका पांच लाख रुपये और बहन के गहने चोरी हो गए हैं, जिसे साबित करने के लिए ऑनलाइन FIR का नकली स्क्रीनशॉट भी दिखाया।

रोहित के साथ उसका साथी अर्पित राज भी शामिल है, जो खुद को आर्मी का लेफ्टिनेंट बताता है और सेना की वर्दी में फोटो भेजता है। दोनों ने मिलकर करीब ₹4.5 लाख नकद और ₹83,000 ऑनलाइन ठगी की। जब पीड़िता ने पैसे वापस माँगे तो दोनों ने जान से मारने तक की धमकियाँ दीं। रोहित ने वीडियो कॉल पर चाकू मारने की धमकी दी, जबकि अर्पित ने कहा कि अगर उनके सर को कुछ हुआ तो पीड़िता को आर्मी से कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।
रोहित के माता-पिता राकेश कुमार और डेजी कुमारी भी इस आपराधिक षड्यंत्र में शामिल पाए गए हैं। जब पीड़िता ने सच्चाई बताई तो उन्होंने धमकियाँ दीं कि अगर पुलिस के पास गई तो उसे और उसके परिवार को जान से मरवा देंगे।
पीड़िता ने खुलासा किया है कि यह गिरोह अकेले मेरठ तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान, बिहार, दिल्ली, नोएडा, मुंबई और हिमाचल प्रदेश के चंबा सहित कई राज्यों में 40 से अधिक लड़कियों को इसी तरह फंसाया गया है। यह गिरोह सेना और सुरक्षा बलों की पवित्र वर्दी का दुरुपयोग कर लोगों को गुमराह करता है और देश की सबसे सम्मानित संस्थाओं की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है।
मामले में पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ और मेडिकल थाना अध्यक्ष को विस्तृत शिकायत दी है और आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, जान से मारने की धमकी, उत्पीड़न, फर्जी दस्तावेजों का निर्माण, सेना की वर्दी का दुरुपयोग, विवाह के नाम पर ठगी और देश की सुरक्षा संस्थाओं की छवि खराब करने के गंभीर आरोपों में FIR दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, इस प्रकरण को राज्य महिला आयोग और केंद्रीय रक्षा मंत्रालय तक ले जाने की बात भी कही गई है।
यह मामला न केवल महिलाओं की सुरक्षा का विषय है, बल्कि देश की सुरक्षा संस्थाओं की गरिमा की रक्षा का भी प्रश्न है। ऐसे संगठित गिरोहों पर राष्ट्रीय स्तर पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए और कड़ी से कड़ी सजा दी जानी आवश्यक है ताकि भविष्य में कोई भी युवती इस तरह की धोखाधड़ी और शोषण का शिकार न बने।









