
दीपिका शुक्ला ने सफाई टीम की बैठक लेकर दिए कड़े निर्देश सात दिन में सभी बड़े-छोटे नालों की सफाई का लक्ष्य
सरधना। लगातार हो रही बारिश के बीच नगर क्षेत्र में जलभराव और नालों की सफाई को लेकर नगर पालिका परिषद ने सख्त रुख अपनाया है। अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला ने अपने कार्यकक्ष में नाला सफाई टीम की समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बरसात के दौरान किसी भी वार्ड में जलभराव के कारण नागरिकों को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में नाला सफाई सुपरवाइजर, सभी नाला गैंग सुपरवाइजर और सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान ईओ ने विभिन्न वार्डों से लगातार मिल रही जलभराव, गंदगी और नालों की समुचित सफाई न होने की शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण नालों में सिल्ट, पॉलिथीन और कचरा जमा होने से पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है, जिसके चलते कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है अधिशासी अधिकारी ने निर्देश दिए कि नगर के सभी बड़े और छोटे नालों की अभियान चलाकर सात दिन के भीतर सफाई पूरी की जाए। नालों में सिल्ट और कूड़ा दोबारा जमा न होने पाए, इसके लिए नियमित निगरानी की जाए। संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां पहले से ही पंप, जेसीबी और सफाई गैंग की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने सभी सुपरवाइजरों की जिम्मेदारी तय करते हुए निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र में नाला सफाई कार्य की दैनिक रिपोर्ट फोटो सहित प्रस्तुत करें। इससे सफाई कार्य की नियमित निगरानी के साथ जवाबदेही भी तय की जाएगी। दीपिका शुक्ला ने स्पष्ट चेतावनी दी कि नाला सफाई अथवा जलभराव से संबंधित कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर को जलभराव मुक्त रखना और नालों में पानी का सुचारु प्रवाह बनाए रखना नगर पालिका की पहली प्राथमिकता है। बरसात के मद्देनजर सभी कर्मचारी पूरी सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। ईओ ने नगरवासियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नालों में कूड़ा-कचरा और पॉलिथीन न डालें। घरों से निकलने वाले कचरे को नगर पालिका की डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को ही सौंपें। उन्होंने कहा कि पालिका और जनता के सामूहिक प्रयास से ही सरधना को जलभराव और गंदगी की समस्या से प्रभावी ढंग से मुक्त रखा जा सकता है।







