
BRC परिसर में मापन कैंप का आयोजन, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, ब्रेल किट व स्मार्ट केन के लिए बच्चे पात्र
सरधना। दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मंगलवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) परिसर में महत्वपूर्ण पहल की गई। बेसिक शिक्षा विभाग एवं एलिम्को के संयुक्त तत्वावधान में 3 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग बच्चों के लिए उपस्कर एवं सहायक उपकरण मापन कैंप आयोजित किया गया। कैंप में क्षेत्र के 105 दिव्यांग बच्चों ने प्रतिभाग किया। कैंप का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी ने किया। परिषदीय विद्यालयों, लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत अध्ययनरत अस्थि दिव्यांग, मूक-बधिर (वाक एवं श्रवण), मानसिक मंदित तथा दृष्टिबाधित बच्चों का मापन एवं परीक्षण किया गया। मापन के बाद बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, रोलेटर, हियरिंग एड, कैलिपर्स, ब्रेल किट और स्मार्ट केन आदि सहायक उपकरणों के लिए पात्र पाया गया। इन उपकरणों के माध्यम से बच्चों की आवाजाही, शिक्षा और दैनिक गतिविधियों को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला समन्वयक समेकित शिक्षा राजेश यादव की देखरेख में संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि ऐसे कैंपों का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान कर उन्हें जरूरत के मुताबिक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है, जिससे वे शिक्षा की मुख्यधारा से मजबूती से जुड़ सकें। कैंप में बेसिक शिक्षा विभाग के डॉ. रत्नेश वर्मा तथा एलिम्को टीम से ऑडियोलॉजिस्ट श्रीकांत सिंह, पीएंडओ दीपक कुमार व गुलशन कुमार और डाटा ऑपरेटर योगेश प्रताप सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष शिक्षकों रुचि कर्णवाल, प्रीति तोमर, अंजू सैनी, कमलेश कुमार, अशोक, राजीव नेहरा, दीपक कुमार सहित BRC स्टाफ का विशेष योगदान रहा। कैंप में बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी पहुंचे और आवश्यक प्रक्रिया में सहयोग किया। अधिकारियों ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी है। इस तरह के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।







