
दिन में धरना, रात में थिरके किसान – प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
मेरठ कमिश्नरी पर दिनभर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे किसानों का रात में अलग ही अंदाज देखने को मिला। देर रात कमिश्नरी परिसर के बाहर तेज आवाज में डीजे बजा और किसान गानों की धुन पर थिरकते नजर आए।
आंदोलन के बीच सामने आई इन तस्वीरों को लेकर अब प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। किसानों का कहना है कि देर रात तक डीजे और संगीत के जरिए वे आंदोलन में अपना उत्साह बनाए रख रहे थे।
वहीं, सवाल यह है कि संवेदनशील कमिश्नरी क्षेत्र में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजने की अनुमति किस स्तर से मिली? क्या लाउडस्पीकर और ध्वनि नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन हुआ? और अगर नियमों का उल्लंघन हुआ तो प्रशासन की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
दिन में किसानों की हुंकार और रात में डीजे की धुन – कमिश्नरी पर चल रहे इस प्रदर्शन का यह बदला अंदाज अब चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि, धारा 144 या अन्य नियमों के उल्लंघन और प्रशासन की अनुमति को लेकर आधिकारिक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अब नजर प्रशासन के अगले कदम पर है कि इस मामले में कोई कार्रवाई होती है या आंदोलनकारियों के इस अंदाज को नजरअंदाज कर दिया जाता है।







