
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रियंक खरगे के तंज पर भाजपा का पलटवार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियंक खरगे की टिप्पणी के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के अपमान का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के बीच यह विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना।
शुक्रवार शाम दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल हुए। यह आयोजन संघ परिवार के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर भाजपा मुख्यालय के सामने स्थित एक पार्क में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री पहली पंक्ति में बैठे नजर आए और भगवान राम के भजन पर तालियां बजाईं। उन्होंने मंजीरे जैसे वाद्य यंत्र के साथ भक्ति संगीत का आनंद भी लिया।
‘भजन क्लबिंग’ युवाओं के बीच उभरता एक आधुनिक सांस्कृतिक चलन है। इसमें पारंपरिक भक्ति गीतों को कॉन्सर्ट जैसे माहौल में सामूहिक रूप से गाया और प्रस्तुत किया जाता है। आयोजकों और प्रतिभागियों के अनुसार इसका उद्देश्य क्लब संस्कृति या नशे के बजाय संगीत और भक्ति के माध्यम से सामूहिक अनुभव तैयार करना है।
कांग्रेस नेता प्रियंक खरगे ने प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम में शामिल होने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से टिप्पणी की। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री के पास ‘भजन क्लबिंग’ के लिए समय है, लेकिन चुनाव आयोग से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने के लिए समय नहीं है।
खरगे ने यह आरोप भी लगाया कि पिछले 13 वर्षों से एक पैटर्न दिखाई देता है कि सरकार से कठिन सवाल पूछे जाने पर प्रधानमंत्री जवाब देने के बजाय अन्य गतिविधियों में व्यस्त हो जाते हैं। उनका बयान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया।
भाजपा ने कांग्रेस नेता की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ता सीआर केसवन ने इसे भारत की ‘भजन और भक्ति’ परंपरा का अपमान बताया। भाजपा की ओर से कहा गया कि कांग्रेस ने एक बार फिर भारतीय सांस्कृतिक विरासत का मजाक उड़ाया है।
भाजपा प्रवक्ता ने प्रियंक खरगे पर राजनीतिक तंज करते हुए उन्हें ‘जूनियर खड़गे’ कहा और आरोप लगाया कि वह कांग्रेस नेतृत्व की प्रशंसा करने तक सीमित हैं। भाजपा ने इसके साथ कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठाए।
भाजपा ने पूछा कि क्या प्रियंक खरगे राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को मिली चुनावी हार पर भी सवाल उठा सकते हैं। पार्टी की ओर से दावा किया गया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को तीन लोकसभा चुनावों और करीब 100 विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है।
इस पूरे विवाद में एक पक्ष प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को भारतीय भक्ति और सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे राजनीतिक जवाबदेही और चुनाव आयोग से जुड़े सवालों के संदर्भ में देख रहा है। दोनों दलों की प्रतिक्रियाओं ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

