
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 7 नवंबर 2026 को अयोध्या के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह दीपोत्सव-2026 में शामिल होंगे और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। उपराष्ट्रपति भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह में भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, वह इस अवसर पर संतों को सम्मानित करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित दसवें दीपोत्सव को लेकर अयोध्या में विशेष तैयारियां की गई हैं। इस बार आयोजन के दौरान रामनगरी के इतिहास, श्रीराम मंदिर आंदोलन और अयोध्या के विकास की यात्रा को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
1500 ईस्वी से आधुनिक अयोध्या तक की कहानी
संस्कृति विभाग की ओर से रामकथा पार्क में लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में वर्ष 1500 ईस्वी से लेकर वर्तमान समय तक के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को क्रमबद्ध तरीके से दिखाया जाएगा। इसमें अयोध्या के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के साथ श्रीराम मंदिर आंदोलन के विभिन्न चरणों को भी शामिल किया जाएगा।
प्रदर्शनी में मंदिर आंदोलन के प्रमुख पुरोधाओं के योगदान को अभिनय आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। इससे दर्शकों को आंदोलन से जुड़ी घटनाओं और महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
मंदिर निर्माण और विकास की यात्रा भी दिखेगी
प्रदर्शनी का एक प्रमुख हिस्सा श्रीराम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया और मंदिर के वर्तमान स्वरूप को समर्पित होगा। इसमें मंदिर आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण पड़ावों के साथ निर्माण कार्य की यात्रा को भी दर्शाया जाएगा।
इसके साथ ही अयोध्या में हुए आधारभूत ढांचे के विस्तार को भी प्रदर्शित किया जाएगा। सड़कों, आवागमन, जनसुविधाओं, पर्यटन और शहरी विकास से जुड़े बदलावों की तस्वीरें और प्रस्तुतियां प्रदर्शनी का हिस्सा होंगी।
विरासत और आधुनिक विकास पर रहेगा जोर
प्रदर्शनी के माध्यम से अयोध्या की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत और वर्तमान विकास कार्यों को एक साथ सामने लाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य लोगों को रामनगरी के ऐतिहासिक सफर, मंदिर आंदोलन और मौजूदा विकास की जानकारी देना है।
दसवें दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति की मौजूदगी और विशेष प्रदर्शनी आयोजन को महत्वपूर्ण बनाएगी। दीपोत्सव के माध्यम से अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान के साथ उसके बदलते स्वरूप को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

