स्तनपान सप्ताह पर विशेष (1 से 7 अगस्त)
माँ और शिशु के बीच हैं एक अटूट बंधन,
स्वास्थ्य आधार व भावनात्मक गठबंधन।
विश्व स्तनपान सप्ताह इसका खूब महत्व,
जुड़ाव का अभिन्न प्राकृतिक स्रोत घनत्व।
वैश्विक स्तर पर स्तनपान के बहुतेरे लाभ,
समाज के हर वर्ग को जागरूकता ख्वाब।
शिशु को जन्म के पहले घंटे में माँ का दूध,
गाढ़ा-पीला दूध प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत।
जिसमें एंटीबॉडीज और पोषक तत्व प्रचुर,
माँ “अमृत” समान स्तनपान दे रहीं भरपूर।
ये शिशु के शारीरिक व मानसिक विकास,
संज्ञानात्मक सर्वोत्तम दे जाता है एहसास।
शोधार्थियों ने माँ के दूध पे खूब किया शोध,
डायरिया,निमोनिया व श्वसन संक्रमण बोध।
एक अध्ययन अनुसार स्तनपान करते बच्चे,
आईक्यू औसत 3-7 अंक अधिक है सच्चे।
छह महीने तक विशेष स्तनपान रखों ध्यान,
आठ लाख अधिक “बच्चों” की बचेगी जान।
संजय एम तराणेकर
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर-452011 (मध्य प्रदेश)
मो. 98260 25986
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