Faruqui Samaj Sewa Movement UP: उत्तर प्रदेश में सियासत का रंग रूप लगातार बदल रहा है। 2022 के चुनाव को लेकर सभी पार्टियां कमर कस रही हैं, ऐसे में उन लोगों के लिए बड़ा मुश्किल का दौर है जो जातिगत आंकड़ों में फिट होकर सरकार बना देते हैं लेकिन सरकार बनने के बाद सरकार के मुखिया उनको बर्फ में लपेट देते हैं।
जातीय जनगणना को लेकर हाल ही में एक नया बिल पास हुआ जिसको सभी पार्टियों ने मुखरता से सराहा। इन्हीं में से एक अहम समीकरण है फारुकी समाज। यह समाज वैसे तो जनगणना के हिसाब से कम संख्या में है लेकिन जातीय समीकरणों में फिट होकर सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
इसे भी पढ़ें-
- पाकिस्तान में योगी आदित्यनाथ की हो रही जमकर तारीफ
- बिहार में क्या समय से पहले चुनाव होगा?
- भाकियू सहारनपुर मंडल अध्यक्ष की तबियत बिगड़ी, देखने पहुंचे पदाधिकारी
- फिल्म L2 एम्पुरान को 17 जगहों से काटा जायेगा
- Meerut Press Club का वनवास खत्म, 14 साल बाद कार्यकारिणी गठित
Faruqui Samaj Sewa Movement UP: शीर्ष नेतृत्व में करें शामिल
इस बार फारुकी समाज सेवा मूवमेंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्दुल कादिर फारूकी ने कहा है कि हमारा समाज हमेशा जिन पार्टियों को सहयोग देता है वह पार्टियां हमें हमारे कद के अनुसार जगह नहीं देते लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने वाला है। फारूकी समाज हर हाल में इस बार समर्थन उसका करेगा जो हमारे समाज के नेता को शीर्ष नेतृत्व में शामिल करने को राजी होगा।
अब्दुल कादिर फारुकी ने अपने समाज के लोगों से आग्रह किया है कि वह किसी भी पार्टी को सहयोग करें लेकिन इस बात को प्रमुखता से रखें कि उनके समाज का नेता शीर्ष नेतृत्व में शामिल होना चाहिए। हमें इस चुनाव को ना तो हिंदू मुस्लिम के नजरिए से देखना है और ना ही आंकड़ों की बाजीगरी में खोना है बल्कि तटस्थ भाव से इस बार अपने समाज के नेता को वह मुकाम दिलाना है जिससे फारुकी समाज के एक-एक व्यक्ति को मजबूती मिले।
उन्होंने सियासी पार्टियों से आग्रह किया है कि, अगर वह अपने एजेंडे में फारुकी समाज को प्रमुखता से रखते हैं तो हम हर हाल में उनकी ओर अपने कदम बढ़ाने को उत्सुक होंगे। आपको बता दें कि फारूकी समाज सेवा मूवमेंट पिछले कई वर्षों से समाज के लोगों की बुनियादी जरूरतों और उनके हक को दिलाने की लड़ाई लड़ रहा है।