
कुशावली गांव में हादसे से मची चीख-पुकार, ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर घायलों को पहुंचाया अस्पताल
सरधना। थाना क्षेत्र के कुशावली गांव में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खाना खाते समय अचानक एक मकान की छत भरभराकर नीचे आ गिरी। छत के मलबे में परिवार के पांच सदस्य दब गए। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े और बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरधना पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार कुशावली गांव निवासी सुरेश अपने परिवार के साथ मकान में रह रहा है। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे सुरेश, उसकी पत्नी मिथलेश, पुत्रवधू पूजा, पुत्री सोनम और तीन माह की मासूम पीहू घर के अंदर मौजूद थे और परिवार के सदस्य खाना खा रहे थे। इसी दौरान अचानक मकान की छत भरभराकर गिर गई। कुछ ही क्षणों में परिवार के पांचों सदस्य मलबे के नीचे दब गए। छत गिरने की तेज आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने हाथों से मलबा हटाने के साथ उपलब्ध संसाधनों की मदद ली। काफी मशक्कत के बाद सुरेश, उसकी पत्नी मिथलेश, पुत्रवधू पूजा, पुत्री सोनम और तीन माह की पीहू को मलबे से बाहर निकाला गया। हादसे में परिवार के सभी सदस्यों को चोटें आईं। ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरधना पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी का प्राथमिक उपचार किया। घायलों की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक हादसे के समय परिवार के सदस्य घर में बैठकर खाना खा रहे थे। किसी को भी अंदाजा नहीं था कि अचानक मकान की छत गिर जाएगी। अचानक हुए हादसे से परिवार के लोगों में दहशत फैल गई। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और हादसे की जानकारी ली। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। फिलहाल मकान की छत गिरने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा मकान की स्थिति और हादसे से हुए नुकसान की जानकारी भी जुटाई जा रही है। हादसे के बाद गांव में भी चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।







