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जम्मू कश्मीर में जमीनी लोकतंत्र के लिए मोदी ने मांगा राजनीतिक दलों का साथ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि जम्मू कश्मीर में लाेकतंत्र को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना होगा जिससे कि वहां का चहुमुखी विकास हो सके। मोदी ने जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों के साथ आज यहां प्रधानमंत्री निवास पर करीब साढे तीन घंटे तक चली बैठक के दौरान यह बात कही।


प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डा जितेन्द्र सिंह ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर के सभी राजनीतिक दलों के साथ हुई चर्चा जम्‍मू-कश्‍मीर के विकास और लोकतंत्र को मजबूती देने की दिशा में बहुत ही सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा ,“ बैठक बहुत ही अच्‍छे वातावरण में हुई। सभी ने भारत के लोकतंत्र और भारत के संविधान के प्रति पूरी निष्‍ठा जताई। गृहमंत्री जी ने जम्‍मू-कश्‍मीर की स्‍थिति, परिस्थिति और बेहतर होते हालात से सभी नेताओं को परिचित कराया।

प्रधानमंत्री जी ने पूरी गंभीरता के साथ हर पक्ष, हर तर्क, हर सुझाव को सुना और उन्‍होंने इस बात को सराहा कि सभी जनप्रतिनिधियों ने खुले मन से अपनी-अपनी बात रखी।”डा़ सिंह ने कहा कि बैठक में प्रधानमंत्री ने दो बड़ी बातों पर विशेष जोर दिया। पहला जम्‍मू-कश्‍मीर में लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक तक ले जाने के लिए सबको मिलकर काम करना होगा।

दूसरा, जम्‍मू-कश्‍मीर में चहुमुखी विकास हो, हर इलाके, हर समुदाय तक विकास पहुंचे, इसके लिए साझेदारी हो और जनभागीदारी का एक माहौल बनाकर रखना जरूरी है। राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बात को भी रखा कि जम्‍मू-कश्‍मीर में पंचायती राज से लेकर दूसरे स्‍थानीय निकायों से जुड़े सभी चुनाव सफलतापूर्वक हो चुके हैं। सुरक्षा से जुड़े हालात भी बेहतर हो रहे हैं।

पंचायत चुनावों के बाद करीब बारह हजार करोड़ रुपये सीधे-सीधे पंचायतों के पास पहुंचे हैं। इससे गांव में विकास की रफ्तार को गति मिली है। जम्‍मू-कश्‍मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े अगले महत्‍वपूर्ण कदम, यानि विधानसभा चुनाव की तरफ हमें मिलकर जाना है। इसके लिए डिलिमिटेशन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना होगा। ताकि हर क्षेत्र, हर वर्ग को पर्याप्‍त राजनीतिक प्रतिनिधित्‍व विधानसभा में प्राप्‍त हो सके।

विशेष रूप से दलितों, पिछड़ों, जनजाति क्षेत्रों के साथियों को एक उचित प्रतिनिधित्‍व देना आवश्‍यक है। डा सिंह ने कहा कि डिलिमिटेशन की इस प्रक्रिया में सभी की हिस्‍सेदारी हो, इसको लेकर बैठक में विस्‍तार से बातचीत हुई। बैठक में मौजूद सभी दलों ने इस प्रक्रिया में हिस्‍सा लेने के लिए सहमति जताई है। बैठक में प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि जम्‍मू-कश्‍मीर को शांति और समृद्धि के पथ पर ले जाने के लिए ऐसे ही सभी पक्षों को मिलकर साथ चलना होगा।

उन्‍होंने कहा आज जम्‍मू-कश्‍मीर हिंसा के कुचक्र से बाहर निकल कर स्‍थिरता की तरफ बढ़ रहा है। जम्‍मू-कश्‍मीर की जनता में एक नयी आशा जगी है, नया आत्‍मविश्‍वास आया है। “ हमें इस आत्‍मविश्‍वास को बढ़ाने के लिए, इस भरोसे को और मजबूत करने के लिए दिन-रात मेहनत करनी होगी, साथ मिलकर काम करना होगा। आज की यह बैठक जम्‍मू-कश्‍मीर में लोकतंत्र को मजबूती देने और जम्‍मू-कश्‍मीर के विकास और समृद्धि के लिए एक महत्‍वपूर्ण कदम है। मैं आज की इस बैठक में शामिल होने के लिए सभी राजनीतिक दलों का आभार प्रकट करता हूँ।”

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