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    Meerut Damini Case: जेल में नई जिम्मेदारी संभालेगी दामिनी, महिलाओं और बच्चों को पढ़ाएगी रामायण
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    Meerut Damini Case एक बार फिर नए घटनाक्रम के कारण चर्चा के केंद्र में आ गया है। हस्तिनापुर में अपने पति और स्कूल संचालक अतुल पवार की कथित तौर पर करैत सांप से डसवाकर हत्या कराने के आरोप में जिला कारागार मेरठ में बंद दामिनी को जेल प्रशासन ने नई जिम्मेदारी सौंप दी है। दामिनी अब जेल की लाइब्रेरी का संचालन करेगी और वहां रह रही महिला बंदियों तथा बच्चों को रामायण और सुंदरकांड का पाठ भी पढ़ाएगी। जेल प्रशासन का कहना है कि दामिनी ने स्वयं को शिक्षिका बताया और लाइब्रेरी का कार्य संभालने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद उसे यह जिम्मेदारी दी गई है।

    दूसरी ओर, इसी मामले की जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस ने मृतक अतुल पवार के छह वर्षीय बेटे मानिक के बयान दर्ज किए हैं और स्कूल के कुछ बच्चों से भी पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई हैं। इस बीच जेल के भीतर दामिनी और उसके कथित प्रेमी तुषार के व्यवहार पर भी प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। दोनों ने अब तक मामले को लेकर किसी से कोई चर्चा नहीं की है और एक-दूसरे से मिलने की भी कोई मांग नहीं रखी है।

    Meerut Damini Case में शिक्षिका होने के दावे पर जेल प्रशासन ने सौंपी लाइब्रेरी की जिम्मेदारी

    जिला कारागार मेरठ पहुंचने के बाद दामिनी ने जेल अधिकारियों को बताया कि वह शिक्षिका है और यदि अवसर मिले तो वह जेल में रह रहे बच्चों को पढ़ाना चाहती है। उसने यह भी कहा कि वह जेल की लाइब्रेरी का कार्य संभाल सकती है। उसके इस अनुरोध और उपलब्ध जानकारी को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे लाइब्रेरी से संबद्ध कर दिया।

    वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मंगलवार से दामिनी आधिकारिक रूप से लाइब्रेरी का कार्य संभालेगी। इसके साथ ही वह जेल में मौजूद महिलाओं और बच्चों को रामायण तथा सुंदरकांड का पाठ भी कराएगी। इसके लिए उसने रामायण की एक प्रति भी ले ली है। जेल प्रशासन का कहना है कि सुधारात्मक व्यवस्था के तहत बंदियों को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। इसी क्रम में दामिनी को यह जिम्मेदारी दी गई है।

    जेल के भीतर लाइब्रेरी केवल पुस्तकों के आदान-प्रदान का केंद्र नहीं है, बल्कि यह बंदियों के मानसिक और शैक्षिक विकास का भी माध्यम माना जाता है। ऐसे में दामिनी की नई भूमिका को भी इसी दृष्टि से देखा जा रहा है।

    Meerut Damini Case के बाद जेल में दामिनी और तुषार के व्यवहार पर प्रशासन की बनी हुई है नजर

    गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में भेजी गई दामिनी का शुरुआती व्यवहार भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जेल अधिकारियों के अनुसार जेल पहुंचने के बाद उसने कुछ भी खाने से इनकार कर दिया था। उसने केवल अपने माता-पिता और अपने बेटे के बारे में जानकारी लेने की इच्छा जताई और पूछा कि क्या कोई उससे मिलने आया है।

    दूसरी ओर, सह-आरोपी और कथित प्रेमी तुषार ने अपने परिवार के बारे में जानकारी ली और जेल में मुलाकात की प्रक्रिया के संबंध में अधिकारियों से जानकारी हासिल की। उसने अपने परिजनों से मिलने की इच्छा जरूर जताई, लेकिन घटना या मामले को लेकर किसी प्रकार की चर्चा नहीं की।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि दामिनी और तुषार ने एक-दूसरे से मिलने की कोई मांग नहीं की। जेल प्रशासन के अनुसार दोनों ने केस से जुड़े किसी भी पहलू पर अन्य बंदियों या अधिकारियों से बातचीत करने से भी परहेज किया है। प्रशासन लगातार दोनों के व्यवहार और गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

    इसी बीच वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि महिला बंदियों के लिए जेल में दो बैरक 12-ए और 12-बी बनाई गई हैं। पति की हत्या के आरोप में बंद मुस्कान, कोमल, अंजलि और दामिनी को बैरक संख्या 12-बी में रखा गया है, जबकि रविता को बैरक संख्या 12-ए में रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी महिला बंदियों को एक ही स्थान पर नहीं रखा गया है और सुरक्षा मानकों के अनुसार उनकी व्यवस्था की गई है।

    Meerut Damini Case की जांच में छह वर्षीय मानिक के बयान बने अहम कड़ी

    इस बहुचर्चित मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस ने सोमवार को मृतक अतुल पवार के छह वर्षीय बेटे मानिक के बयान दर्ज किए। जांच अधिकारियों ने स्कूल के कुछ बच्चों से भी बातचीत कर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं ताकि घटना से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा सके।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार मानिक अभी भी सदमे में है। उसने अपने बयान में कहा कि अब वह अपने दादा-दादी के साथ ही रहना चाहता है। बच्चे के बयान को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उससे जुड़े तथ्यों का परीक्षण कर रही है।

    जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि घटना से पहले परिवार के भीतर क्या परिस्थितियां थीं और कथित साजिश किस प्रकार तैयार की गई। इसके लिए स्कूल से जुड़े लोगों, परिचितों और अन्य संभावित गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    गौरतलब है कि हस्तिनापुर क्षेत्र में स्कूल संचालक अतुल पवार की कथित तौर पर करैत सांप से डसवाकर हत्या किए जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी। पुलिस जांच में आरोप लगाया गया कि अतुल की पत्नी दामिनी ने अपने कथित प्रेमी तुषार के साथ मिलकर इस वारदात की साजिश रची। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जिला कारागार मेरठ भेजा गया, जहां वे फिलहाल बंद हैं।

    अब एक ओर अदालत में इस चर्चित हत्याकांड की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है तो दूसरी ओर जेल के भीतर दामिनी की नई भूमिका भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। लाइब्रेरी का संचालन, महिलाओं और बच्चों को रामायण तथा सुंदरकांड का पाठ कराने की जिम्मेदारी और दूसरी तरफ हत्या के सनसनीखेज आरोप—इन दोनों विपरीत परिस्थितियों ने इस पूरे मामले को और अधिक चर्चित बना दिया है। वहीं पुलिस की जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना बनी हुई है।

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    News Desk

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