
नगरवासियों का आरोप लंबे समय से नहीं हुई पानी की टंकी की सफाई, पेट खराब होने की शिकायतें जांच और सफाई की मांग
सरधना। नगर पालिका की पेयजल व्यवस्था को लेकर नगरवासियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। घरों में नलों के जरिए पहुंच रहे पानी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका की पानी की टंकी से आने वाला पानी साफ नहीं है। पानी में गंदगी और दुर्गंध की शिकायत के बाद लोगों में स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई लोगों ने पानी पीने के बाद पेट खराब होने जैसी परेशानी होने की बात कही है। नगरवासियों का आरोप है कि पानी की टंकी की लंबे समय से सफाई नहीं कराई गई है। उनका कहना है कि यदि टंकी की नियमित सफाई होती तो पानी की गुणवत्ता इस तरह खराब नहीं होती। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से टंकी की तत्काल सफाई कराने और पेयजल के नमूनों की जांच कराने की मांग की है।
नलों से आ रहा खराब पानी स्थानीय लोगों के मुताबिक घरों में आने वाले पानी की स्थिति कई बार ऐसी होती है कि उसे पीने के लिए इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि पेयजल की समस्या केवल किसी एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि कई मोहल्लों में पानी को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे लोगों में नाराजगी है। लोगों ने कहा कि नगर पालिका द्वारा उपलब्ध कराया जाने वाला पानी सीधे लोगों के घरों तक पहुंचता है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता की नियमित जांच बेहद जरूरी है। यदि पानी दूषित पाया जाता है तो तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो। टंकी के साथ पाइपलाइन की भी जांच की मांग नगरवासियों ने केवल पानी की टंकी की सफाई कराने की मांग नहीं की, बल्कि पेयजल आपूर्ति की पूरी व्यवस्था की जांच कराने की बात कही है। लोगों का कहना है कि टंकी की स्थिति के साथ पाइपलाइन की भी जांच होनी चाहिए, जिससे यह पता चल सके कि पानी खराब होने की वजह क्या है। लोगों ने मांग की कि पानी के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला में जांच कराई जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही पानी की टंकी की नियमित अंतराल पर सफाई कराने की व्यवस्था बनाई जाए। स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता नगरवासियों का कहना है कि दूषित पानी से पेट संबंधी समस्याएं होने की आशंका रहती है। कुछ लोगों ने पानी पीने के बाद पेट खराब होने की शिकायत की है। ऐसे में लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि साफ पेयजल उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि पानी की गुणवत्ता में कोई कमी है तो उसे तत्काल दूर किया जाना चाहिए। कार्रवाई का इंतजार नगरवासियों ने नगर पालिका अधिकारियों से मौके पर निरीक्षण कराने, पानी की टंकी की सफाई कराने और पानी की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या को लेकर वे अधिकारियों के समक्ष अपनी आवाज और मजबूती से उठाएंगे। अब नगरवासियों की नजर नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई पर है कि पेयजल की शिकायत को कितनी गंभीरता से लिया जाता है और टंकी की सफाई व पानी की गुणवत्ता जांच के लिए कब तक कदम उठाए जाते हैं।







