बाइक के विवाद में अधेड़ की गोली मारकर हत्या

  • मेरठ

बाइक के विवाद में एक शातिर ने अधेड़ की गोली मारकर हत्या कर दी। नशे में धुत हत्यारोपितों ने पुलिस को जब वारदात बताई तो उसे यकीन नहीं हुआ, लेकिन बाद में पुलिस ने हत्यारोपित की निशानदेही पर शव व हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया।

परीक्षितगढ़ थाने के सिपाही तेजेंद्र ढाका व परमजीत मंगलवार शाम करीब सात बजे मध्यगंगा नहर पटरी पर डयूटी के लिए गए थे। जब दोनों पूठी संपर्क मार्ग स्थित रेगूलेटर के पास पहुंचे तो एक शराबी काफी देर से वहां इधर-उधर घूम रहा था। पूछताछ की तो उसने अपना नाम करण प्रधान उर्फ यमराज पुत्र रोहताश निवासी आरिफपुर मडैया, थाना बाबूगढ़ छावनी जिला हापुड़ बताया।

Advertisement

साथ ही उसने 50 वर्षीय फारूख उर्फ नूर आलम पुत्र मोहम्मद उमर की गोली मारकर हत्या की बात भी कही। शराब की अधिकता के चलते वह स्पष्ट कुछ बता नहीं पा रहा था। उसने यह भी बताया कि वह कस्बे में बहनोई संजू के घर पर रहता है।

करीब एक माह पूर्व फारूख का बेटा शाहिद उसकी बाइक मांगकर ले गया था, जिसे चेकिंग के दौरान भावनपुर थाना पुलिस ने सीज कर दिया था। बाइक लाने के बजाए फारूख इधर-उधर की बात कर रहे थे। मंगलवार शाम वह फारूख के साथ बैठाकर शराब पी रहा था।

बाइक के विवाद में उसने फारूख के सीने में गोली मारकर हत्या कर दी। सच्चाई जानने के लिए पुलिस उसे मौके पर ले गई तो उसने एक खेत से फारूख का शव और गन्ने के खेत में रखा तमंचा बरामद करा दिया। थाना प्रभारी आनंद मिश्रा व एसपी देहात केशव मिश्रा मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल के बाद शव मर्चरी भिजवाया।

करण उर्फ यमराज शराब की अधिकता के चलते वहां से भाग नहीं पाया। वह आने वाले लोगों से एक व्यक्ति की हत्या की बात बार-बार कह रहा था। लोग शराबी समझकर उसे अनसुना कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने भी पहले उसे शराबी समझकर हड़काया था, लेकिन वह हत्या की बात पर अड़ा रहा। नशे में नहीं होता तो वह भाग जाता और पुलिस को ब्लाइंड मर्डर के पटाक्षेप में पसीना बहाना पड़ता।

हत्यारोपित करण पर लूटपाट समेत कई मुकदमें हैं। उसने गर्दन पर एके-47 का टेटू गुदवा रखा है। फारूख का बेटा एक माह पूर्व बाइक लेकर गया था, लेकिन लौटा नहीं रहा था। इसी विवाद में फारूख की गोली मारकर हत्या की गई। हत्यारोपित की निशानदेही पर शव व तमंचा बरामद हो गया। संबंधित थाने से क्राइम हिस्ट्री मांगी है।