Report by : Neha Singh
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यशपाल हत्याकांड में नया मोड़
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  • संवाददाता, मेरठ

महावीरा अस्पताल के मालिक यशपाल सिंह हत्याकांड में पुलिस ने अस्पताल किराए पर लेकर चलाने वाले गुफरान और मुन्नवर को हिरासत में लिया है। दरअसल, हत्या वाली रात यशपाल ने दोनों को अस्पताल खाली करने के लिए चेतावनी दी थी। पुलिस मान रही कि अस्पताल खाली के डर से दोनों यशपाल की हत्या करना चाहते थे।

बागपत रोड पर मलियाना पुलिस चौकी के पास रहने वाले यशपाल सिंह की धर्मकांटे के कमरे में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यशपाल सिंह शिव धर्मकांटा और महावीरा अस्पताल के मालिक थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि यशपाल की हत्या शूटर से कराई गई है।

टीपीनगर पुलिस यशपाल के चारों बेटे सतेंद्र, धर्मेद्र, नरेंद्र और अमित से पूछताछ कर चुकी है। अभी तक परिवार के सदस्यों के खिलाफ कोई ठोस सुबूत नहीं मिला है। पुलिस ने दूसरी लाइन पर काम शुरू किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि अस्पताल किराए पर लेकर संचालित कर रहे सलापुर के गुफरान और मुन्नवर से भी यशपाल का विवाद हुआ था।

यशपाल ने दोनों को अस्पताल खाली करने की धमकी दी थी। पुलिस दोनों को हिरासत में ले पूछताछ कर रही है। रोहटा रोड के गांव सलापुर के रहने वाले मुन्नवर ने अपना नाम मोनू रख लिया है, जबकि गुफरान ने आनंद। दोनों को सभी मोनू और आनंद नाम से ही जानते है। किसी को नहीं पता कि दोनों विशेष संप्रदाय से ताल्लुक रखते हैं।

पुलिस इस तथ्य पर भी जांच कर रही है कि दोनों ने मुस्लिम होते हुए अपने नाम हिंदू क्यों रखे हुए हैं। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि पुलिस परिवार और अस्पताल के विवाद पर काम कर रही है। जल्द ही हत्यारोपित गिरफ्तार किए जाएंगे।

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